कब और कैसे हुआ हादसा?
दरअसल, यह दर्दनाक घटना जिले के मालपुरा गांव की है। 13 नंवबर को मालपुरा में रहने वाले खेताराम अपनी पत्नी कोकू देवी, चार साल के बेटे जसराज, चेचेरे भाई बादराराम और उसकी पत्नी अणसीदेवी के साथ सिणधरी के पास के गांव में जा रहे थे। जहां खेताराम को अपनी बड़ी बेटी का रिश्ता तय करना था। सभी सिणधरी कस्बे में उतरकर बस स्टैंड की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान एक बोलेरो गाड़ी ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में कोकूदेवी और अणसी देवी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि खेताराम, उसके 4 साल के बेटे जसराज और बादराराम गंभीर रूप से घायल हो गया। जिन्हें उपचार के लिए बालोतरा के नाहटा अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान खेताराम ने दम तोड़ दिया। वहीं, अन्य को गंभीर हालत में इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया गया था।
सात बहनों ने माता-पिता और भाई को खोया
हादसे में 7 बेटियों ने अपने माता-पिता को खो दिया था। वहीं, उनके चार साल के भाई को जोधपुर में इलाज चल रहा था। बच्चियों के सहारे और जसराज के इलाज के लिए समाज के लोग सामने आए। रोती-बिलखती बेटियों और अस्पताल में मौत से लड़ रहे बच्चे का वीडियो सामने आने के बाद लोगों और सामाजिक संस्थाओं ने जमकर मदद की। जिससे चार दिन में ही करीब 2 करोड़ रुपए इकट्ठे हो गए। जसराज को बेहतर इलाज दिया जा रहा था, लेकिन गुरुवार रात को उसकी भी मौत हो गई। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके शव को बाड़मेर लाया गया।
सरकार भी करेगी मदद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार परिवार को मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना में 10 लाख रुपए मुआवजा भी दिया जाएगा। पालनहार योजना के तहत बच्चियों को हर महीने 2500-2500 रुपये भी दिए जाएंगे। इसके अलावा सहकारी बैंक दुर्घटना बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये देगा। सहकार जीवन सुरक्षा बीमा के तहत कर्ज भी माफ किया जाएगा।