केकड़ी जिले के टांटोती ग्राम पंचायत को नगर पालिका घोषित हुए करीब डेढ़ माह का समय हो चुका है, मगर अभी तक किसी स्थायी कार्मिक की नियुक्ति नहीं हुई है। उधर पालिका की अधिसूचना जारी होते ही दूसरे दिन पंचायतीराज विभाग ने बीडीओ का तबादला कर दिया तथा पंचायत सचिव ने भी पंचायत के आवश्यक दस्तावेज सरवाड़ पंचायत समिति में जमा करवा दिए। इससे ग्रामीणों के काम अटक गए हैं।
छोटे मोटे काम भी हुए ठप
हालत यह है कि लोगों के राशन कार्ड शुद्धिकरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जन आधार अपडेशन सहित अन्य कई काम अटक रहे हैं। ये काम पंचायत समिति में भेजे जा रहे हैं, लेकिन नगर पालिका बनने से पंचायत समिति ने यहां के ऑनलाइन कामों को करने से इनकार कर दिया है। ऐसे में पालिका बनने से विकास तो दूर की बात है, फिलहाल आमजन के छोटे मोटे काम भी नहीं पा रहे हैं। अभी तक पंचायत भवन पर भी ग्राम पंचायत टांटोती ही लिखा हुआ है।
10 अक्तूबर को जारी हुई थी अधिसूचना
उल्लेखनीय है कि केकड़ी जिले की ग्राम पंचायत टांटोती को स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक व विशिष्ट सचिव कुमारपाल गौतम ने 10 अक्तूबर को एक अधिसूचना जारी कर तत्काल प्रभाव से चतुर्थ श्रेणी नगरपालिका घोषित किया था। इस संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार ग्राम पंचायत के निर्वाचित सरपंच ही अब नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे, जबकि ग्राम पंचायत के उप सरपंच पालिका उपाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के वार्ड पंचों अब नगरपालिका के पार्षद कहलायेंगे। मुख्यमंत्री के बजट प्रस्ताव 2024-25 के अंतर्गत ग्राम पंचायत टांटोती का सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र राजस्व गांव टांटोती को शामिल करते हुए विद्यमान सीमाएं ही नवगठित नगरपालिका की स्थानीय सीमाएं रहेगी।
ओम डूंगरवाल बने पहले चेयरमेन
नवगठित टांटोटी नगर पालिका के पहले चेयरमैन के रूप में ओम डूंगरवाल नियुक्त किये गए हैं, जो कि ग्राम पंचायत टांटोती के निर्वाचित सरपंच है। टांटोती को 2013 में तहसील बनाया गया था। अब इसे नगरपालिका बनाने का फैसला टांटोती के लिए एक और बड़ा बदलाव है, जिसका पूरा श्रेय ग्रामवासी क्षेत्रीय विधायक शत्रुघ्न गौतम को देते हैं।
वार्डों के परिसीमन का कार्य 1 दिसंबर से
स्वायत्त शासन विभाग से जारी सूचना के अनुसार नवगठित टांटोती नगर पालिका में 1 दिसम्बर से वार्डों का परिसीमन कार्य शुरु होगा। जो 30 दिसंबर तक चलेगा। वहीं 31 दिसंबर 2024 से 19 जनवरी 2025 तक परिसीमांकन के प्रस्तावों पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएगी, जिनके निस्तारण का कार्य 1 मार्च 2025 तक चलेगा। वर्तमान टांटोती में पंचायतीराज के 11 वार्ड है, जबकि नवगठित पालिका में अधिकतम 20 वार्ड बनाए जा सकते हैं।
इन्होनें कहा
स्थानीय निकाय विभाग के अजमेर क्षेत्रीय उप निदेशक सना सिद्दीकी ने बताया कि उनके क्षेत्र में सभी नवगठित पालिकाओं में कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई है, केवल टांटोती रह गई है। उन्होनें कहा कि यहां भी जल्द ही कार्मिकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। उन्होनें बताया कि अब तो वैसे भी सरकार प्रशासक लगा रही है। ईओ की नियुक्ति जयपुर मुख्यालय करेगा।