राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण के नतीजे सामने आने लगे हैं। नागौर जिले के बरणगांव में सरपंच पद का चुनाव खास चर्चा में रहा। यहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के सांसद हनुमान बेनीवाल की दो भाभियां आमने-सामने थीं। खास बात यह है कि दोनों देवरानी-जेठानी होने के साथ-साथ सगी बहनें भी हैं। इस मुकाबले में राजबाला बेनीवाल ने जीत दर्ज की, जबकि मीरा बेनीवाल को हार का सामना करना पड़ा।
राजबाला बेनीवाल ने मीरा को 149 वोटों से हराया
बरणगांव में हनुमान बेनीवाल के भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी राजबाला बेनीवाल ने सरपंच पद का चुनाव जीत लिया। वहीं, उनके दूसरे भाई और पूर्व सरपंच रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी मीरा बेनीवाल चुनाव हार गईं। खबर के अनुसार, राजबाला ने 149 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि मीरा को केवल 21 वोट मिले। बरणगांव में सरपंच पद के लिए कुल छह उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें पपीता को 440, पिस्ता को 109, राजबाला को 982 और अन्नपूर्णा को 97 वोट मिले। चुनाव में आठ मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया, जबकि 62 वोट निरस्त घोषित किए गए।
करीब 25 साल तक सरपंच रहे रामप्रसाद बेनीवाल
इस चुनाव को लेकर गांव में खास चर्चा रही, क्योंकि रामप्रसाद बेनीवाल करीब 25 साल तक बरणगांव के सरपंच रह चुके हैं। ऐसे में उनकी पत्नी मीरा बेनीवाल की हार और परिवार की दूसरी बहू राजबाला बेनीवाल की जीत पर लोगों की नजरें टिकी थीं। सरपंच पद के लिए महिला प्रत्याशी मैदान में थीं और मुख्य मुकाबला दोनों बहनों के बीच माना जा रहा था।
हनुमान बेनीवाल ने प्रचार से बनाई दूरी
अपने पैतृक गांव बरणगांव में हुए इस चुनाव में सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रचार से दूरी बनाए रखी। उन्होंने दोनों में से किसी भी भाभी के पक्ष में खुलकर प्रचार नहीं किया। इसके बावजूद गांव के इस चुनाव की चर्चा नागौर जिले से बाहर भी रही।