पुलिस की गिरफ्त में हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
शांत दिखने वाली कुचामन की व्यस्त बाजार गली में उस दिन अचानक मौत उतर आई। व्यापारी रमेश रूलानिया अपनी दुकान पर सामान तौल रहे थे, तभी हवा में तीन गोलियों की आवाज गूंजीं। रूलानिया छाती पकड़कर जमीन पर गिर पड़े। चारों ओर अफरातफरी मच गई, लोग भागने लगे, जबकि हत्यारे पलभर में बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। घायल व्यापारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कोशिश की, लेकिन गोली ने उनकी जान छीन ली।
हत्या के पीछे गैंगवार की साजिश
जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं थी, बल्कि रोहित गोदारा और विरेंद्र चारण गैंग का सुनियोजित षड्यंत्र। पुलिस ने खुलासा किया कि गैंग के सरगना विरेंद्र चारण धमकाकर व्यापारियों से वसूली करता था। इस काम में उसके दो खास सिपहसालार सुरेंद्र पालावत (30, खाटूश्यामजी, सीकर) और राहुल माण्डिया (21, आसपुरा, अजीतगढ़, सीकर) पूरी तरह शामिल थे। दोनों ने हत्यारों को पैसे और हथियार मुहैया कराए, साथ ही रेकी भी की। राहुल माण्डिया तो हत्या के दिन खुद कुचामन में मौजूद था। जैसे ही गोली चली, उसने गैंग लीडर विरेंद्र चारण को फोन कर दिया कि “काम हो गया!” अस्पताल पहुंचते ही रूलानिया की मौत की खबर उसने दी और कुछ ही देर में गैंग ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी भी ले ली।
फरारी की तैयारी भी थी तय
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि राहुल हत्या के बाद भागने वाले शूटरों के लिए बैकअप गाड़ी लेकर मौजूद था। यानी यह पूरा ऑपरेशन पहले से प्लान किया गया था। हत्यारे गणपत गुर्जर और धर्मेंद्र गुर्जर को राहुल और सुरेंद्र ने ही मदद दी थी। राहुल माण्डिया हत्यारों का ‘आंख और कान’ बनकर काम कर रहा था।
यह भी पढ़ें- Rajasthan Weather: राजस्थान में सर्दी ने बढ़ाई ठिठुरन; सीकर सबसे ठंडा, पारा सात डिग्री तक लुढ़का
एसपी ऋचा तोमर की टीम की बड़ी कामयाबी
एसपी ऋचा तोमर के नेतृत्व में कुचामन पुलिस ने इस संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार करते हुए स्पेशल ऑपरेशन चलाया। थानाधिकारी सतपाल चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने राहुल माण्डिया और सुरेंद्र पालावत को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच नावां कोर्ट में पेश किया गया, जहां जज धर्मेंद्र जाखड़ ने 7 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया। अब पुलिस गैंग की आर्थिक जड़ों और सपोर्ट सिस्टम की तहकीकात कर रही है कि कौन वित्तीय मदद कर रहा था और किन व्यापारियों को अगला निशाना बनाया जाना था।
गैंग के लिए बड़ा झटका
अब तक 11 आरोपी जेल में हैं, जबकि एक नाबालिग हिरासत में है। एसपी ऋचा तोमर ने कहा कि अपराधियों की खैर नहीं! अब कुचामन में कोई गैंग नहीं बचेगा। इस कार्रवाई से शहर में फैली दहशत धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन लोगों के मन में अब भी सवाल है कि क्या यह खामोशी तूफान से पहले की है?
यह भी पढ़ें- Rajasthan: फलोदी सड़क हादसे पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, 15 श्रद्धालुओं की हुई थी मौत; सुनवाई कब?