किसान सम्मेलन में जा रहे 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
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नागौर के पशु प्रदर्शनी स्थल पर पिछले सात दिनों से ग्रामीणों और किसानों का चल रहा आंदोलन मंगलवार दोपहर उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारी मेड़ता में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान विरोध दर्ज कराने के लिए रवाना होने लगे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की
प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे भी लगाए गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और कई लोगों को हिरासत में लिया।
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कांग्रेस नेताओं सहित बड़ी संख्या में हिरासत
नागौर कोतवाली थाना सीआई वेदपाल शिवरान के अनुसार, प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री की मेड़ता में आयोजित सभा के दौरान विरोध करने जा रहे थे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष हनुमान बागड़ा और कांग्रेस नेता मनीष मिर्धा सहित करीब 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। सभी हिरासत में लिए गए लोगों को पांचोड़ी थाना ले जाया गया है।
पंचायत समिति पुनर्गठन बना आंदोलन की वजह
इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में राज्य सरकार द्वारा हाल ही में किए गए पंचायत समितियों के पुनर्गठन का फैसला है। सरकार ने श्रीबालाजी को नई पंचायत समिति घोषित किया है, जबकि आंदोलन कर रहे ग्रामीणों की मांग है कि श्रीबालाजी की बजाय अलाय को पंचायत समिति बनाया जाए। इसी मांग को लेकर ग्रामीण और किसान लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।