प्रधानमंत्री मोदी जहां देशभर में घूम-घूमकर बेटी बचाओ अभियान के जरिए बेटियों को बचाने की पहल कर रहे हैं वहीं, ऐसे लोग भी हैं जो अपने पेशे के साथ दगा करके उनके अभियान की हवा निकालने में लगे हुए हैं। लिंग निर्धारण पर देशभर में बेशक रोक लगी हो लेकिन लोग चोरी छिपे इसे अंजाम देने में लगे हुए हैं।
राजस्थान के राजधानी जयपुर में ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप यकीन नहीं कर पाएंगे। पुलिस ने लिंग निर्धारण से जुड़ी एक लेडी डाक्टर को गिरफ्तार किया है उसके काम करने के तरीके को देखकर हर कोई हैरत में है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार पीसीपीएनडीटी विभाग को एक ऐसी महिला गायनेक्लोजिस्ट के बारे में जानकारी मिल रही थी जो अवैध रूप से लिंग निर्धारण के धंधे में जुड़ी हुई थी।
पुलिस और पीसीपीएनडीटी ने किया गिरफ्तार
62 साल की इस महिला चिकित्सक को पुलिस ने पीसीपीएनडीटी की टीम के साथ उस समय गिरफ्तार किया जब वह जयपुर दिल्ली नेशनल हाइवे पर चलती कार में एक गर्भवती का लिंग परीक्षण कर रही थी।
शहर के तिवेणी नगर की रहने वाली संतोष पारिख नामक की इस डॉक्टर ने एक गर्भवती महिला से 13 हजार रुपए में लिंग परीक्षण की जांच करने का सौदा किया था। महिला के साथ उसका सहयोगी मनोज कुमार शर्मा भी था जो एक पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के द्वारा लिंग परीक्षण में उसकी मदद करता था।
पुलिस की टीम लगातार उस कार का पीछा कर रही थी जिसमें महिला चिकित्सक सवार थी, जब पुलिस ने कार को रोका तो यह देखकर उनके होश उड़ गए कि जिस कार में लिंग परीक्षण किया था उसमें चिकित्सक के अलावा तीन महिलाएं और भी सवार थीं। वहीं टेक्निशियन मनोज फरार होने में सफल रहा।
13 हजार रुपए में किया था लिंग परीक्षण का सौदा
जला बिछाकर महिला डॉक्टर के कारनामों का खुलासा करने वाले पीसीपीएनडीटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर किसना राम इशरवाल ने बताया कि उन्हें इस संबंध में काफी समय से सूचना मिल रही थी कि एक महिला गाएनोक्लोजिस्ट दलालों के एक नेटवर्क के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के लिंग परीक्षण के काम को अंजाम दे रही है।
इसके बाद संतोष पारिख को पकड़ने के लिए हमने एक गर्भवती महिला को उसके पास भेजा। वह उस महिला से घाट गेट में मिली और 13 हजार रुपए में लिंग परीक्षण करने का सौदा तय हो गया। इसके बाद लेडी डॉक्टर ने उसे एक स्विफ्ट डिजायर कार में बैठाया जिसे उसका टेक्निशियन मनोज ड्राइवर कर रहा था।
इसके बाद वह जयपुर दिल्ली हाइवे पर निकल गए। कार में ही लिंग परीक्षण करने वाली एक पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन रखी हुई थी। इसके बाद मनोज ने कार को एक किनारे लगाया और गर्भवती महिला का लिंग परीक्षण शुरू किया गया। इसी दौरान टीम ने उन्हें मौके से रंगे हाथ पकड़ लिया।
बेटे के पास अमेरिका जाने वाली थी चिकित्सक
हालांकि मौका पाकर मनोज भाग निकला। आरोपी डॉक्टर को अंबर पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी चिकित्सक ने बताया कि वह चुरू के सुजनगढ़ में एक प्राइवेट हॉस्टिपल में काम करती है। उसका बेटा अमेरिका में रहता है जिसकी जल्द ही शादी होने वाली है।
महिला चिकित्सक जल्द ही उसी के पास अमेरिका जाने वाली थी जिसके लिए उसने टिकट भी बुक कराए थे लेकिन उससे पहले ही वह अपने कारनामों की वजह से पुलिस के हत्थे चढ़ गई।
पुलिस के अनुसार महिला चिकित्सक लिंग परीक्षण से जुड़े किसी बड़े गैंग का हिस्सा भी हो सकती है जिसकी जांच की जा रही है।