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Kotputli: SPG में AIG बताकर ले रहा था सरकारी सुविधाएं, भिवाड़ी पुलिस ने फर्जी IPS का किया भंडाफोड़

Sat, 17 Jan 2026 06:46 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपुतली

सार

Kotputli: खुद को IPS अफसर बताकर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने वाले एक शातिर ठग को भिवाड़ी पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया। आरोपी युवक उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला है।  
 
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फर्जी IPS अफसर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वर्दी का खौफ, पद का रौब और सरकारी सिस्टम की कमजोरी का फायदा उठाकर खुद को IPS और SPG का AIG बताने वाला एक शातिर ठग आखिरकार भिवाड़ी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी फर्जी पहचान पत्र, डमी वायरलेस और 'पुलिस' लिखी ब्लैक स्कॉर्पियो से देश की सुरक्षा एजेंसियों की साख से खुलेआम खिलवाड़ कर रहा था। पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण (IPS) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू (RPS) एवं वृत्ताधिकारी कैलाश चौधरी (RPS) की निगरानी में थानाधिकारी सचिन शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने इस हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया।

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16 जनवरी को थाने पहुंचा था आरोपी 
पुलिस ने बताया कि फर्जी IPS अफसर 16 जनवरी 2026 की रात करीब 9:30 बजे थाने पहुंचा। कमर में वायरलेस हैंडसेट लटकाए, रौबदार अंदाज में उसने खुद को राजस्थान कैडर का IPS बताते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री सुरक्षा समूह (SPG) में AIG पद पर तैनात है। सरकारी काम से भिवाड़ी आने और रात होने का हवाला देकर उसने फाइव स्टार होटल में ठहरने की व्यवस्था कराने की मांग की।

कार में फैली अव्यवस्था ने खोली पोल
ड्यूटी पर मौजूद हेड कांस्टेबल ने जब उसकी ब्लैक स्कॉर्पियो से सामान उतारा तो अंदर फैली अव्यवस्था और संदिग्ध दस्तावेजों ने पोल खोल दी। अलग-अलग पतों वाले आधार कार्ड, पासपोर्ट, बैंक चेकबुक और प्राइवेट कंपनी का विजिटिंग कार्ड देख पुलिस सतर्क हो गई। सिविल लिस्ट खंगाली गई तो नाम कहीं दर्ज नहीं मिला और उसकी कहानी ज्यादा देर नहीं चली।
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कभी खुद को CISF कमांडेंट तो कभी बताता रहा AIG 
पूछताछ में आरोपी बार-बार बयान बदलता रहा। पहले IPS, फिर CISF कमांडेंट और अंत में SPG में AIG की कहानी गढ़ता रहा। सख्ती के बाद उसने कबूल कर लिया कि वह कोई अधिकारी नहीं, बल्कि सिर्फ रौब और फायदे के लिए वर्दी और सिस्टम का नकाब ओढ़े हुए था।

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बागपत का रहने वाला है आरोपी 
पुलिस ने आरोपी सौरभ तौमर (34) निवासी बागपत (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से फर्जी AIG आईडी कार्ड, डमी वायरलेस, 'पुलिस' लिखी ब्लैक स्कॉर्पियो, पासपोर्ट, चेकबुक, मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में मिले संदिग्ध डेटा की गहन जांच जारी है। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि आरोपी ने इससे पहले किन राज्यों में फर्जी अफसर बनकर टोल टैक्स, होटल और अन्य सुविधाओं का फायदा उठाया और इस खेल में उसके पीछे कोई गिरोह तो नहीं।  

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