कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विराटनगर क्षेत्र के बिलवाड़ी गांव में सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सरकारी अस्पताल के पीछे झाड़ियों में करीब 10 दिन की नवजात बच्ची रोती हुई मिली। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और झाड़ियों में बच्ची को लावारिस हालत में पड़ा देखकर तत्काल स्थानीय अस्पताल तथा पुलिस को सूचना दी।
रोने की आवाज सुनकर झाड़ियों में पहुंचे ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार, सुबह के समय सरकारी अस्पताल के पीछे स्थित झाड़ियों की तरफ से लगातार नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे। झाड़ियों के बीच नवजात बच्ची को देखकर उन्होंने उसे वहां से सुरक्षित निकाला और घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचाकर कराया उपचार
सूचना मिलने के बाद विराटनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी बाबूलाल मीणा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और नवजात को अपनी देखरेख में लेकर तत्काल सरकारी उप जिला अस्पताल विराटनगर पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने बच्ची की प्रारंभिक जांच की।
हालत स्थिर, जयपुर किया गया रेफर
चिकित्सकों के मुताबिक, शुरुआती जांच में नवजात बच्ची स्वस्थ पाई गई है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि, नवजात की बेहतर चिकित्सा देखभाल और निगरानी को देखते हुए उसे जयपुर के जेके लोन अस्पताल के लिए रेफर किया गया। पुलिस की मौजूदगी में बच्ची को आगे के उपचार के लिए जयपुर भेजा गया।
झाड़ियों में कौन छोड़ गया, जांच में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी बाबूलाल मीणा ने बताया कि सोमवार सुबह बिलवाड़ी गांव में सरकारी अस्पताल के पीछे झाड़ियों में नवजात बच्ची के मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। बच्ची को झाड़ियों में छोड़कर जाने वाले व्यक्ति या परिजनों की पहचान के लिए पुलिस जांच कर रही है।
परिजनों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाने के साथ ही यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्ची को झाड़ियों में कब और किसने छोड़ा। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। नवजात बच्ची के परिजनों तक पहुंचने और उसे इस तरह लावारिस छोड़ने की वजह सामने लाने के लिए पुलिस की जांच जारी है।