एआईसीसी के निर्देशानुसार मंगलवार को कोटपूतली जिला मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विशाल प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नगर पालिका पार्क से कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए लोकतंत्र की हत्या होने जैसे आरोप लगाए।
अंबेडकर प्रतिमा के सामने से शुरू हुआ मार्च
प्रदर्शन की शुरुआत नगर पालिका पार्क स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने से हुई। यहां बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इसके बाद कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। कार्यकर्ताओं के कलेक्ट्रेट पहुंचने के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तारी की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने और गिरफ्तारी की मांग उठाई। नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और इन मुद्दों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। देश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, हटाने और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं।
बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता, बढ़ी गहमागहमी
सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए थे। कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हुई झड़प
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर को हिरासत में लिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए नारेबाजी तेज कर दी। प्रदर्शन को देखते हुए जिला मुख्यालय पर पुलिस का भारी जाप्ता तैनात रहा।
मीडिया कर्मियों को रोकने की बात भी आई सामने
प्रशासन की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को भी अंदर जाने से रोके जाने की बात सामने आई। इससे मौके पर मौजूद पत्रकारों और प्रशासन के बीच भी स्थिति को लेकर असहजता दिखाई दी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने और संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।