कोटा नगर निगम में मेयर पद के चुनाव में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता सुमन को 30 वोट के अंतर से हराया। अनुसुईया गोस्वामी को कुल 65 वोट मिले, जबकि सुनीता सुमन के खाते में 35 वोट आए। चुनाव परिणाम में दोनों दलों की ओर से बताए गए पार्षदों के संख्याबल और मिले वोटों के बीच अंतर सामने आया है। इसके बाद चुनाव में क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज हो गई है।
59 के संख्याबल के बावजूद भाजपा प्रत्याशी को मिले 65 वोट
कोटा नगर निगम में भाजपा के 57 पार्षद हैं। इसके अलावा दो निर्दलीय पार्षद पहले ही भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आ गए थे। इस तरह मतदान से पहले भाजपा के पक्ष में 59 पार्षदों का संख्याबल माना जा रहा था। इसके बावजूद अनुसुईया गोस्वामी को 65 वोट मिले। यानी घोषित समर्थन से उन्हें छह वोट अधिक मिले। दूसरी ओर कांग्रेस के पास 39 पार्षद थे और पार्टी ने सुनीता सुमन को मेयर पद का प्रत्याशी बनाया था। हालांकि मतदान के बाद उन्हें 35 वोट ही मिले। यानी कांग्रेस के घोषित संख्याबल के मुकाबले चार वोट कम मिले।
गुप्त मतदान ने बढ़ाई क्रॉस वोटिंग की चर्चा
मेयर पद के लिए मतदान गुप्त तरीके से हुआ था। ऐसे में यह पता नहीं चल सकता कि किस पार्षद ने किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। हालांकि परिणाम के आंकड़े दोनों दलों के घोषित संख्याबल और प्रत्याशियों को मिले वोटों में अंतर दिखा रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी को घोषित 59 के समर्थन के मुकाबले छह वोट ज्यादा मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को उसके 39 पार्षदों की तुलना में चार वोट कम मिले। इसी वजह से चुनाव परिणाम के बाद क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज हो गई है। भाजपा के पक्ष में अतिरिक्त छह वोट कहां से आए और कांग्रेस के चार वोट कम क्यों हुए, इसे लेकर अब दोनों दलों के भीतर मंथन की स्थिति है।
मतदान से पहले भाजपा ने किया था जीत का दावा
मेयर चुनाव के मतदान से पहले भाजपा के पार्षद बस से नगर निगम पहुंचे थे। पार्टी के पार्षद पगड़ी पहनकर निगम पहुंचे। भाजपा प्रत्याशी अनुसुईया गोस्वामी ने भी मतदान से पहले अच्छे अंतर से जीत का दावा किया था। वहीं कांग्रेस की ओर से सुनीता सुमन मेयर पद के चुनाव में मैदान में थीं। मतदान से पहले कांग्रेस की शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए थे।
भाजपा ने 70 वोट तक मिलने का किया था दावा
मतदान से पहले भाजपा नेताओं की ओर से अनुसुईया गोस्वामी को 70 तक वोट मिलने का दावा किया गया था। हालांकि अंतिम परिणाम में उन्हें 65 वोट मिले। इसके बावजूद उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता सुमन को 30 वोट के अंतर से हराकर मेयर पद पर जीत दर्ज की। इस चुनाव परिणाम ने कोटा नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस के घोषित संख्याबल के साथ-साथ गुप्त मतदान के बाद सामने आए वोटों के अंतर को भी चर्चा में ला दिया है।