राजस्थान के सीकर में खाटूश्यामजी हादसे के बाद कांग्रेस की आपसी कलह कम नहीं हो रही है। मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और राजेंद्र गुढा के श्याम मंदिर कमेटी का समर्थन किया तो विधायक चौधरी वीरेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता कर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चौधरी ने कहा कि हादसे की जांच हो रही है, इसके बाद मंदिर कमेटी को क्लीन चिट कैसे दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रेस वार्ता में विधायक चौधरी ने खाटूश्यामजी मंदिर को सरकार के अधीन करने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, देशभर से मंदिर में श्रद्धालु आते हैं और दान भी खूब करते हैं। इसके बाद भी मंदिर कमेटी उनकी सुरक्षा की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। ऐसे में मंदिर को देव स्थान विभाग के अधीन कर देना चाहिए।
विधायक ने कहा कि, खाचरियावास और गुढ़ा मंत्री हैं, उनके शब्द कानून होते हैं। इस तरह के बयान देने से पहले उन्हें सोचना चाहिए था। हादसे के बाद एसडीएम और तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया, जबकि पिछले साल वह मेले का सफल आयोजन करवा चुके हैं। लेकिन, उन्हें शाबासी की जगह सजा मिली है। मंत्रियों को कमेटी का पक्ष लेने की जगह जनता का साथ देना चाहिए था। अगर, सरकार का मंत्री कमेटी को क्लीन चिट देता है तो जनता का भरोसा टूटेगा ही।
विधायक ने यह भी कहा कि खाटूश्यामजी के विवाद को कुछ संगठन जातिगत रंग दे रहे हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही हैं, लेकिन मंदिर आस्था का केंद्र है। इस तरह का विवाद नहीं होने चाहिए। किसी को भी भड़काऊ बातों में नहीं आना है, मामले की जांच चल रही है उसमें सहयोग करें।
जानें क्यों हो रहा विवाद?
दरअसल, खाटूश्यामजी में हादसे के बाद विधायक वीरेंद्र सिंह ने समर्थकों के साथ मंदिर कमेटी के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बाजार बंद करा कर मंदिर कमेटी के कार्यालय के ताले भी तोड़ दिए गए थे। जिसके बाद मंत्री गुढ़ा ने कहा था कि यह सही नहीं हैं। वहीं, मंत्री खाचरियावास ने कहा था कि मंदिर कमेटी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। जिसके बाद से विधायक दोनों मंत्रियों पर हमलावर हो गए हैं।
हादसे में गई थी तीन की जान
खाटूश्यामजी में एकादशी के मेले में लाखों लोगों की भीड़ मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंची थी। मंदिर के पट खुलने बाद वहां भगदड़ मच गई। लोगों की भीड़ में दबने से तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। मृतकों में हरियाणा के हिसार जिले की रहने वाली शांति पत्नी प्रीतम, यूपी के हाथरस जिले माया देवी पत्नी किशन सिंह और जयपुर कृपा देवी पत्नी रघुवीर सिंह की मौत हो गई थी।