बिजयनगर में नाबालिग स्कूली छात्राओं के साथ शारीरिक शोषण, ब्लैकमेल और धर्मांतरण के दबाव के विरोध में सोमवार को केकड़ी शहर पूरी तरह बंद रहा। सर्व समाज के आह्वान पर आयोजित बंद के दौरान सैकड़ों आक्रोशित लोगों ने रैली निकालकर दोषियों को कठोरतम सजा देने की मांग की।
घटना के विरोध में आयोजित बंद को स्थानीय व्यापारिक संगठनों का पूर्ण समर्थन मिला, जिसके चलते बाजार पूरी तरह से बंद रहे। मेडिकल सेवाओं को छोड़कर सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। यहां तक कि चाय की थड़ियों और सब्जी के ठेलों ने भी अपना कारोबार बंद रखा। शहर के शिक्षण संस्थानों में भी अवकाश घोषित किया गया।
बंद के समर्थन में सर्व समाज के सैकड़ों लोग सुबह घंटाघर पर एकत्रित हुए, जहां अनौपचारिक सभा का आयोजन किया गया। इसमें अनिल राठी, हीराचंद खूंटेटा, हरिप्रसाद मुंशी, राजेन्द्र चौधरी, रामदेव माली, महेश बोयत, उमरावमल सोलंकी, नवल किशोर पारीक एडवोकेट, दशरथसिंह एडवोकेट और राजेन्द्र विनायका सहित कई वक्ताओं ने बिजयनगर कांड के दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की।
इसके बाद सैकड़ों लोगों ने घंटाघर से रैली निकाली, जो सदर बाजार, गणेश प्याऊ, खिड़की गेट, सरसडी गेट, पाल टाकीज रोड, बस स्टैंड होते हुए कोर्ट परिसर तक पहुंची। यहां उपखंड अधिकारी सुभाषचन्द हेमानी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बिजयनगर कांड के दोषियों को कठोर दंड देने और इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाकर शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान सकल हिंदू समाज के कई नेता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
रैली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस उपाधीक्षक हर्षित शर्मा, केकड़ी सिटी थाना अधिकारी कुसुमलता मीणा और केकड़ी सदर थाना अधिकारी नाहरसिंह मीणा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
बिजयनगर कांड के विरोध में केकड़ी के अलावा सरवाड़, सावर, भिनाय और बघेरा कस्बे भी पूर्णतया बंद रहे। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय जिला शाखा केकड़ी, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने भी इस कांड की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की।
घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।