गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के लिए पानी की निकासी शुरू
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जिले के बहुप्रतीक्षित पांचना बांध जल विवाद का रविवार को ऐतिहासिक समाधान हो गया। करीब 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों, गंभीर नदी तथा गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के लिए पानी की निकासी शुरू कर दी गई। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बांध पर पहुंचकर बटन दबाकर जल निकासी का शुभारंभ किया।
शुभारंभ के दौरान बांध के तीन गेट एक-एक फीट तक खोले गए, जिससे गंभीर नदी में पानी छोड़ा गया। वहीं नहरों के गेट खोलकर कमांड क्षेत्र की ओर सिंचाई जल प्रवाहित किया गया। साथ ही पुरानी गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के पंप हाउस का संचालन भी शुरू कर दिया गया।
इससे पहले पहाड़ी गांव स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में 61 करोड़ रुपये की लागत से गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के जीर्णोद्धार तथा पीडीएन आधारित दो नई लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, किसानों और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के दौरान दोनों मंत्रियों ने पौधारोपण किया और बांध पर जल पूजन भी किया। इसके बाद कैचमेंट क्षेत्र, कमांड क्षेत्र और बहाव क्षेत्र में तकनीकी परीक्षण के लिए पानी छोड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक चरण में करीब दो से ढाई घंटे तक जल निकासी कर पूरे सिस्टम की तकनीकी जांच की गई।
जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल और दोनों पक्षों के आपसी समन्वय से वर्षों पुराना जल विवाद समाप्त हुआ है। अब कमांड क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए नियमित पानी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इसे किसानों की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि इस निर्णय से क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और हजारों किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
पानी की निकासी शुरू होते ही वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रहे किसानों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। किसानों ने इसे दो दशक पुराने संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि अब सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद साकार होती नजर आ रही है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में करीब 250 पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात किया गया था। बांध परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।