हरियाणा के पीसीपीएनडीटी सेल ने राजस्थान और हरियाणा समेत कई जगहों पर भ्रूण लिंग जांच के अवैध धंधे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इसमें झुंझुनू बॉर्डर इलाके में सक्रिय एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। हरियाणा के नारनौल के नोडल अधिकारी डॉ. विजय यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें टीम ने एक डिकोय ग्राहक के जरिए आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में रवि सिंह, उमेश और भरत शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार भरत एक सरकारी अस्पताल में कर्मचारी है, जबकि रवि सिंह भ्रूण लिंग जांच जैसे गंभीर मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। टीम ने खुलासा किया कि आरोपियों ने फर्जी महिला को जांच के लिए शिमला स्थित एक खंडहर मकान में बुलाया, जहां उन्होंने गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच की। इस दौरान गिरोह ने महिला से लिंग जांच के एवज में 26 हजार की रकम ऐंठ ली। जैसे ही आरोपियों ने पैसे लिए और जांच की पुष्टि की, हरियाणा पीसीपीएनडीटी सेल ने झुंझुनू आरसीएचओ दयानंद जांगिड़ और समन्वयक आनंद कुमार के साथ मिलकर छापेमारी की और तीनों आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया।
ये भी पढ़ें: Jaipur: वार्ड बॉय की बेरहमी से हत्या, महिला से कहासुनी बना मौत की वजह, तीन आरोपी गिरफ्तार
इस कार्रवाई के बाद तीनों गिरफ्तार आरोपियों को सिंघाना थाने लाया गया है, जहां उनके खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि भैसावता निवासी रवि सिंह का नाम पहले भी भ्रूण लिंग जांच जैसे मामलों में सामने आ चुका है।
यह गिरोह हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। पूरी कार्रवाई के दौरान झुंझुनू के आरसीएचओ डॉ. दयानंद जांगिड़ और पीसीपीएनडीटी समन्वयक आनंद कुमार भी मौके पर मौजूद रहे।