झुंझुनू में अवैध निर्माण के खिलाफ एक साल से शिकायत कर रहे कैंसर पीड़ित देवेंद्र कुमावत की शिकायत पर आखिरकार नगर परिषद ने बुधवार को कार्रवाई की। पुलिस जाब्ते के साथ नगर परिषद की टीम ने एक अवैध बिल्डिंग को सीज किया। शिकायत लंबे समय से चल रही थी लेकिन कार्रवाई अब जाकर हुई।
स्पार हॉस्पिटल पर भी प्रस्तावित थी कार्रवाई,
बुधवार को दो जगह कार्रवाई की योजना थी। पहली जगह थी गुढ़ा रोड फाटक के पास बना स्पार हॉस्पिटल। टीम वहां पहुंची और हॉस्पिटल के अवैध हिस्से को सीज करने की तैयारी की गई, लेकिन जब पता चला कि हॉस्पिटल में कई मरीज भर्ती हैं, तो मानवीय कारणों से कार्रवाई को टाल दिया गया। अब यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद की जाएगी।
बॉम्बे कॉम्प्लेक्स के सामने की गई सीज की कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई बॉम्बे कॉम्प्लेक्स के सामने की गई, जहां 10 फीट की सड़क पर नियमों के खिलाफ एक तीन मंजिला इमारत बना दी गई थी। जबकि नगर परिषद से केवल दो मंजिला आवासीय इमारत की मंजूरी ली गई थी। बिल्डिंग में तलघर (बेसमेंट) भी बनाया गया और आवासीय स्वीकृति लेकर वाणिज्यिक निर्माण कर लिया गया था।
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नोटिस के बावजूद जारी था निर्माण कार्य
इस बिल्डिंग की मंजूरी मीना देवी पत्नी छाजूराम और अंकित पुत्र छाजूराम पंसारी के नाम से 2018 में ली गई थी। नगर परिषद ने जी+2 (ग्राउंड के साथ दो मंजिल) की मंजूरी दी थी। लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए इमारत जी+3 बना दी गई। नगर परिषद ने कई बार नोटिस दिए लेकिन निर्माण नहीं रोका गया। आखिरकार अंतिम नोटिस के बाद बुधवार को यह बिल्डिंग सीज कर दी गई।
'अवैध निर्माण पर सख्ती जारी रहेगी'
नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया ने बताया कि दोनों स्थानों पर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। हॉस्पिटल में मरीजों की स्थिति को देखते हुए वहां की कार्रवाई टाल दी गई है, जबकि बॉम्बे कॉम्प्लेक्स के सामने की बिल्डिंग सीज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की तरफ से अवैध निर्माण पर कार्रवाई आगे भी चलती रहेगी।
'हर अवैध निर्माण पर हो सख्त कार्रवाई'
झुंझुनू के जिला कलेक्टर रामावतार मीणा ने सभी अफसरों को निर्देश दिए हैं कि जिले में कहीं भी अवैध निर्माण या अवैध कॉलोनियों को न बनने दिया जाए। यदि ऐसा होता है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उन पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही हर सप्ताह रिपोर्ट देना अनिवार्य किया गया है।