मां को हिम्मत बंधाती मासूम वर्तिका।
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11 साल की वर्तिका। कभी रोते हुए। कभी सेल्यूट कर जय हिंद बोलते हुए तो कभी अपनी मां को प्यार कर उसे संभालते हुए। ये अलग-अलग तस्वीर जरूर हैं, लेकिन एक बेटी की ताकत, हिम्मत और जरूरत.... इन तीनों को प्रदर्शित करती है। झुंझुनूं के मेहरादासी निवासी सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा उधमपुर में एयर बेस पर पाकिस्तानी हमले में शहीद हो गए। उनकी बेटी 11 वर्षीय वर्तिका ने साबित कर दिया कि वे बहादुर एयरफोर्स के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा की एक हिम्मतवाली बेटी है। जो हर परिस्थिति में खुद को भी संभालना जानती और परिवार को भी। उम्र महज छोटी है। लेकिन आज वर्तिका ने साबित कर दिया कि वह खुद भी मजबूत और अपनी मां और भाई के साथ भी मजबूती के साथ खड़ी है।
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छोटे भाई के साथ किया सेल्यूट
आज जब तक शहीद सुरेंद्र कुमार की पार्थिव देह नहीं पहुंची तब तक वर्तिका के दिल में गुस्सा था। उसने कहा कि वह भी फौज में जाकर दुश्मनों को चुन-चुनकर मारेगी। उनके पिता ने भी देश के लिए जान दी है। पाकिस्तान का नाम तक खत्म हो जाना चाहिए। इसके बाद जैसे ही उसके पिता की पार्थिव देह आई तो अपने भाई को हाथ पकड़कर ले गई। पिता के अंतिम दर्शन करवाए। खुद और छोटे भाई सात साल के दक्ष ने सेल्यूट किया और पूरे जोश के साथ जय हिंद बोला। इसके बाद जब एयरफोर्स के जवान तिरंगा दे रहे थे। तब भी भाई को हाथ पकड़कर ले गई। इसके बाद जब उसकी मां वीरांगना सीमा की तबीयत बिगड़ी तो उसके पास पहुंची और आंसू पोछते हुए वीरांगना को दुलार करके शांत किया। अलग-अलग हिम्मतवाले पलों के अलावा एक बेटी के आंसू भी रुके नहीं, जब अंतिम विदाई के वक्त उनके पिता को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जा रहा था।
पति को किया अंतिम सलाम।
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पति को दो बार बोला 'आई लव यू'
आज अंतिम विदाई से पहले जब शहीद सुरेंद्र कुमार की पार्थिव देह घर पहुंची तो वीरांगना सीमा को अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। लेकिन अंतिम दर्शन के दौरान वीरांगना सीमा करीब ढाई मिनट तक अपने शहीद हो चुके पति सुरेंद्र कुमार का सिर पर हाथ फेरकर, गाल पकड़कर अपने पति से उठ जाने के लिए कहती रही। यही नहीं शहीद सुरेंद्र कुमार के चेहरे पर लगाया गया प्लास्टिक भी फाड़ते हुए नजर आई। करीब ढाई मिनट तक कोशिश करते करते बेसुध हो गई। जिसके बाद वापिस वीरांगना सीमा को घर के अंदर ले जाया गया। यह पल भावुक था। इसके बाद जब दोबारा शहीद सुरेंद्र कुमार की वीरांगना सीमा को अंतिम दर्शन के लिए लाया गया तो शहीद वीरांगना सीमा ने एक वीरांगना की तरह ही अपने शहीद पति को सेल्यूट देकर और जय हिंद बोलकर विदा किया। वीरांगना सीमा ने पहले अपने शहीद पति को दो बार आई लव यू बोला। इसके बाद प्लीज उठ जा की आवाज लगाई और बाद में पूरे जोशीले अंदाज में जय हिंद कहते हुए सेल्यूट किया।
सेना ने सौंपी यूनीफार्म।
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एक बार तो उठ जा
शहीद सुरेंद्र कुमार मोगा की पार्थिव देह के साथ आए एयरफोर्स के जवान आए थे। जिन्होंने शहीद सुरेंद्र कुमार मोगा की वर्दी दी। वो पल भी आंखें नम कर दिया। वीरांगना सीमा ने पहले वर्दी को माथे पर लगाया और अपने सीने से वर्दी को लगाया। इसके बाद भी वीरांगना सीमा एक बार अपने शहीद पति के दर्शन के लिए हाथ जोड़ती नजर आई। बार-बार बोलने पर एक बार फिर पार्थिव देह का बॉक्स खोला गया। जिसके बाद भी वीरांगना सीमा अपने शहीद पति को यही बोली कि अभी भी एक बार तो उठ जा। यह बोलते बोलते फिर वीरांगना सीमा बेसुध हो गई। जिसे ले जाया गया। अंतिम संस्कार से पहले, अंतिम संस्कार के दौरान और अंतिम संस्कार के बाद वीरांगना सीमा की बार-बार तबीयत बिगड़ रही थी। जिसके कारण मौके पर ही तैनात चिकित्सकों की टीम बार-बार वीरांगना सीमा को दवा वगैरह दे रही थी।