नवलगढ़ के पूर्व विधायक नवरंग सिंह जाखड़ का निधन
जिले के नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे वरिष्ठ नेता और समाजसेवी नवरंग सिंह जाखड़ का शुक्रवार देर रात अचानक तबियत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। राजनीतिक जीवन में उन्होंने अपनी सादगी और जनसेवा से विशेष पहचान बनाई थी।
जाखड़ पहली बार 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर नवलगढ़ से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1985 में लोक दल के प्रत्याशी के रूप में वे दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। विधायक रहते हुए उन्होंने समाज और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने अपनी निजी जमीन दान कर नवलगढ़ में किसान छात्रावास की स्थापना कराई, जिससे आज भी सैकड़ों विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
राजनीति के साथ-साथ वे जनआंदोलनों में भी सक्रिय रहे। शराबबंदी की मांग को लेकर उन्होंने राजस्थान विधानसभा के सामने आमरण अनशन किया। इस आंदोलन में कांग्रेस नेता गोकुलभाई भट्ट सहित कई विधायक शामिल हुए। लंबे संघर्ष के बाद राज्य सरकार को शराबबंदी लागू करनी पड़ी। इसके अलावा 1979 के चर्चित देवरला सती प्रकरण को उन्होंने सबसे पहले उजागर किया और सती प्रथा पर कानून बनाने में उनकी निर्णायक भूमिका रही।
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नवरंग सिंह जाखड़ को किसानों और आमजन का सच्चा हमदर्द माना जाता था। उनकी ईमानदारी, निस्वार्थ सेवा और संघर्षशील स्वभाव ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया था। सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर वे हमेशा मुखर रहे और जनहित के लिए लड़ते रहे।
उनका अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव धमौरा (घोड़ू जाखड़ की ढाणी) में पंचायत स्थल पर किया जाएगा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग, जनप्रतिनिधि और समर्थक शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।