अवैध खनन रोकने पहुंची टीम पर माफियाओं का हमला
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जिले के कालोटा क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ वन विभाग की बड़ी कार्रवाई के दौरान खनन माफियाओं का खौफनाक चेहरा सामने आया। सरकारी कार्रवाई से बचने के लिए माफियाओं ने न केवल वन विभाग की सरकारी बोलेरो को जोरदार टक्कर मारी, बल्कि ड्यूटी पर तैनात सहायक वन संरक्षक पर जानलेवा हमला भी कर दिया। इस सनसनीखेज घटनाक्रम में वन विभाग और पुलिस टीम बाल-बाल बची।
डीएफओ काव्या बी. के अनुसार वन विभाग के फ्लाइंग स्क्वायड और उदयपुरवाटी पुलिस की संयुक्त टीम को कालोटा क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम रसूलपुर से खेवा की ढाणी की ओर रवाना हुई। इसी दौरान सामने से अवैध पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-टॉली आती दिखाई दी। टीम ने चालक को रुकने का इशारा किया लेकिन उसने वाहन रोकने के बजाय तेज गति से भागना शुरू कर दिया।
इसी बीच पीछा करने के दौरान माफियाओं ने हमला बोल दिया। रास्ते में मनीष पुत्र प्रह्लाद फागणा निवासी खेवा ने सरकारी बोलेरो के आगे बैठे ACF हरेंद्र भाकर पर हमला कर दिया। इस हमले में बोलेरो का आगे का शीशा पूरी तरह टूट गया।
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इसके बाद भी माफियाओं का दुस्साहस नहीं रुका। ट्रैक्टर चालक ने जान-बूझकर सरकारी बोलेरो को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ट्रॉली का हिस्सा बोलेरो के बोनट पर चढ़ गया। हादसे में सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर मौजूद कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ गई।
हालांकि वन विभाग और पुलिस टीम ने सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए घेराबंदी कर आरोपियों को काबू में कर लिया। बाद में ट्रॉली में भरे पत्थरों को खाली करवाकर वाहन को सीधा किया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 6 ट्रैक्टर-टॉलियां जब्त की गईं।
डीएफओ ने बताया कि कालोटा क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह गुप्त कार्रवाई की गई। सहायक वन संरक्षक कमलचंद और ACF हरेंद्र भाकर ने पूरी कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। बबाई थाना पुलिस ने कमलचंद की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक कालूराम और हमलावर मनीष फागणा को नामजद किया है।