पुलिस ने हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया
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राजस्थान के झुंझुनु से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कोतवाली थाना पुलिस ने एक संगठित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में शामिल महिलाएं पहले प्रतिष्ठित लोगों को जाल में फंसाती थीं और फिर झूठे मुकदमे का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलती थीं। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं समेत कुल चार आरोपियों को हिरासत में लिया है।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम
SHO श्रवण कुमार के मुताबिक, पीड़ित युवक ने 27 मार्च को थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि एक अनजान महिला ने उससे फोन पर संपर्क साधा और धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला शुरू किया। 25 मार्च को उसे मोतीलाल कॉलेज के नजदीक एक मकान में आने का न्योता दिया गया। जैसे ही युवक उस कमरे में पहुंचा, बाहर से दरवाजा बंद कर दिया गया। इसके बाद महिला ने शोर मचाना शुरू किया और गिरोह के बाकी सदस्य मौके पर आ धमके। युवक पर बलात्कार का झूठा इल्जाम लगाकर उसे डराया-धमकाया गया।
बदनामी के डर में दे दिए एक लाख रुपए
सामाजिक प्रतिष्ठा खोने के भय से पीड़ित ने वहीं पर एक लाख रुपए चुका दिए, लेकिन गिरोह की हवस यहीं नहीं रुकी। आरोपी एक लाख रुपए और मांगने लगे, जिसके बाद तंग आकर युवक ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
पुलिस ने बिछाया जाल, दबोचे आरोपी
SHO श्रवण कुमार और SI रामनिवास की अगुवाई में एक विशेष दल बनाया गया। पुलिस ने पीड़ित के फोन की निगरानी शुरू की। फिर डमी नोटों का बंडल तैयार करवाकर आरोपियों को गुढ़ा मोड़ पर पैसे लेने के लिए बुलाया गया। जैसे ही वे रकम लेने पहुंचे, घात लगाए बैठी पुलिस ने दो महिलाओं और एक पुरुष को दबोच लिया। पूछताछ के बाद गिरोह की एक चौथी सदस्या को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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पहले भी बन चुके हैं कई लोग शिकार
यह गिरोह पहले भी शहर के एक कपड़ा व्यापारी और एक रेडीमेड गारमेंट कारोबारी को इसी तरह फंसा चुका है। इससे पूर्व एक चिकित्सक और एक सरकारी अफसर को भी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया था। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है और गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों की भी छानबीन की जा रही है।