एग्जाम की कॉपियां मिली कचरे के ढेर में
यूं तो परीक्षा और प्रश्न पत्रों को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहते हैं लेकिन झुंझुनू में परीक्षा की कॉपियों को ही कूड़े के ढेर में डाल दिया गया, जबकि इन्हें सुरक्षित रखा जाना था। मामला जब विभाग के संज्ञान में आया तो अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मामला शहर के चावो दादी विद्या कुंज स्कूल का है, जहां सत्र 2022-23 की अर्द्धवार्षिक परीक्षा की कॉपियां कचरे के ढेर में पड़ी हुई थीं। नियमानुसार परीक्षा परिणाम संबंधी रिकॉर्ड को 5 साल तक सुरक्षित रखना होता है। मामले की सूचना विभाग को मिलते ही शिक्षा विभाग के एडीईओ उम्मेद महला ने कहा कि इस मामले में जांच करवाई जाएगी और कार्रवाई भी करेंगे।
यह स्कूल शहर के राणी सती रोड पर स्थित है और परीक्षा की कॉपियां मुकुंद सेवा सदन के पास कचरा पात्र के बाहर सड़क पर बिखरी हुई मिली हैं। अधिकतर कॉपियां कक्षा 6 के हिंदी और कंप्यूटर विषय की हैं जब इसकी सूचना स्कूल संचालकों को लगी तो एक-दो कर्मचारी मौके पर आए और कॉपियों को इकट्ठा किया लेकिन इन्हीं कर्मचारियों के सामने कचरा उठाने वाला व्यक्ति कॉपियों को उठाकर ले गया।
जानकारी के लिए बता दें कि शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक स्थानीय परीक्षा और उसके परिणाम संबंधी रिकॉर्ड को 5 साल तक सुरक्षित रखना होता है लेकिन स्कूल ने महज एक साल में ही कॉपियों को कूड़े की तरह निस्तारित कर दिया। मामले में जब स्कूल सचिव कमल खेतान से बात की गई तो उन्होंने प्रिंसिपल प्रीति शेखावत से बात करवा दी। प्रिंसिपल का इस मामले में कहना था कि एक चपरासी काम छोड़कर गया तो वो कॉपियों से भरे इस कट्टे को उठाकर अपने साथ ले गया था। उसने यह काम जान-बूझकर किया है। वहीं एडीईओ ने इस मामले को लेकर कहा है कि कल मामले में पूरी पड़ताल की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।