महाराष्ट्र पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (एएनसी) ने राजस्थान के झुंझुनूं जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स बनाने वाली अवैध फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। धनूरी थाना क्षेत्र के नांद का बास गांव में खेत के भीतर बने एक मुर्गी फार्म में संचालित इस फैक्टरी से करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स से जुड़े साक्ष्य सामने आए हैं। कार्रवाई में 10 किलोग्राम एमडी ड्रग्स, भारी मात्रा में केमिकल और निर्माण उपकरण जब्त किए गए हैं।
मुर्गी फार्म में चल रही थी अवैध फैक्टरी
पुलिस के अनुसार, फैक्टरी नांद का बास गांव में एक सुनसान खेत में बने मुर्गी फार्म के खाली कमरे में चलाई जा रही थी। बदबू और एकांत स्थान की जरूरत का हवाला देकर फार्म किराए पर लिया गया था। यहीं मुर्गियों के दाने रखने वाले कमरे में ड्रग्स निर्माण की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
ठाणे में गिरफ्तारी से खुली झुंझुनूं की कड़ी
यह कार्रवाई मीरा-भायंदर, वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस की एएनसी टीम ने की। पुलिस ने बताया कि 4 अक्तूबर को ठाणे जिले में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप के साथ छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क की जांच आगे बढ़ी। पूछताछ में झुंझुनूं का लिंक सामने आया, जिसके बाद मुख्य आरोपी अनिल विजयपाल सिहाग की पहचान हुई।
सीकर से गिरफ्तारी, गांव में छापा
महाराष्ट्र पुलिस ने 14 दिसंबर 2025 को अनिल विजयपाल सिहाग को सीकर से गिरफ्तार किया। इसके बाद नांद का बास स्थित मुर्गी फार्म पर छापा मारकर फैक्टरी का खुलासा किया गया। मौके से एमडी ड्रग्स के साथ केमिकल और उपकरण जब्त किए गए।
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मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार पुत्र विजयपाल, उम्र करीब 31 वर्ष, नांद का बास गांव का निवासी है और 12वीं पास है। खेतीबाड़ी उसका मुख्य व्यवसाय रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह पहले भी डोडा पोस्ट तस्करी के मामले में जेल जा चुका है।
बिज्जू उर्फ जग्गा का नाम आया सामने
पूछताछ में अनिल ने बताया कि उसके पुराने जानकार बिज्जू उर्फ जग्गा, निवासी नेतड़वास, सीकर, ने एमडी ड्रग्स बनाने के लिए जगह देने का लालच दिया था। 26 नवंबर 2025 को बिज्जू आवश्यक सामान लेकर फार्म पहुंचा और फैक्टरी शुरू की गई। 13 दिसंबर को 1 किलो एमडी की डील के दौरान अनिल पुलिस के जाल में फंस गया, जबकि बिज्जू मौके से फरार हो गया।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
एमबीवीवी पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक ने बताया कि यह कार्रवाई बड़े ड्रग्स नेटवर्क की एक अहम कड़ी है। फरार आरोपी बिज्जू की तलाश जारी है। अनिल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।