साइबर फ्रॉड मामले के तीन आरोपी हिरासत में
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सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी कर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड के डिजिटल मददगार और गिरोह को इंटरनेट एक्सेस उपलब्ध कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस प्रकरण में कुल 51 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को निशाना बनाकर राजकोष को भारी नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए झालावाड़ पुलिस ने ऑपरेशन शटरडाउन शुरू किया था। इस अभियान के तहत पूर्व में सरगना सहित 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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जांच में सामने आया कि गिरोह के मुख्य सरगना रामअवतार सैनी, उसके सहयोगियों और मास्टर माइंड विक्रम सैनी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के विभिन्न स्तरों तहसील, जिला, राज्य और केंद्र के नोडल अधिकारियों की आधिकारिक आईडी सॉफ्टवेयर के माध्यम से हैक कीं। पासवर्ड ब्रेक कर और ओटीपी बायपास करते हुए आईडी लॉगिन कर बड़ी संख्या में इनएक्टिव खातों को एक्टिव किया तथा लैंड सीडिंग के जरिए अपात्र व्यक्तियों को पात्र सूची में जोड़ा गया। इस तरह फर्जी लाभार्थी बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
गिरोह को योजनाओं तक पहुंच दिलाने के लिए जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया, उनके सिम धारक जितेंद्र कुमार सैनी, विष्णु कुमार सैनी और उपयोगकर्ता नीरज कुमार सैनी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से साइबर अपराध में प्रयुक्त सिम कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले की आगे की जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को सौंप दी गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी नीरज कुमार (25), जितेंद्र कुमार (25) तथा विष्णु कुमार (23) तीनों दौसा के रहने वाले हैं।