पूर्व मुख्यमंत्री एवं झालरापाटन विधायक वसुंधरा राजे ने विधायक कोष से वर्ष 2026-27 के लिए झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र के 15 राजकीय विद्यालयों में कक्षा-कक्ष और टीन शेड निर्माण कार्यों हेतु 2 करोड़ 15 लाख रुपये की अनुशंसा एवं स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जनहित में इन कार्यों को जल्द शुरू कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि स्वीकृत कार्यों में अधिकांश विद्यालयों में दो कक्षा-कक्ष और एक टीन शेड का निर्माण किया जाएगा, जबकि एक विद्यालय में केवल टीन शेड का निर्माण प्रस्तावित है। अधिकांश कार्यों के लिए 14-14 लाख रुपये, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बावड़ीखेड़ा के लिए 28 लाख रुपये तथा एक अन्य कार्य के लिए 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा और विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
ये भी पढ़ें: गर्भवती हत्याकांड में बड़ा फैसला: 24 घंटे बाद धरना समाप्त, 21 लाख मुआवजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस
स्वीकृत कार्यों में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खेराना, ओड़ियाखेड़ी, बावड़ीखेड़ा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढाबलाभोज, लक्ष्मीपुरा, खड़गपुरा, कालियाखेड़ी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय छोड़ी, बोरदा, रूपारेल, रमायमहू, नई बस्ती खारपकला, माडा, तीतरी और लालगांव शामिल हैं। इन विद्यालयों में कक्षा-कक्ष एवं टीन शेड का निर्माण कराया जाएगा। इन निर्माण कार्यों से विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध होंगे, जिससे विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के अनुरूप बैठने और पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी। वहीं टीन शेड बनने से प्रार्थना सभा, मध्याह्न भोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध होगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस स्वीकृति का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सरकारी विद्यालयों का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा और विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
गौरतलब है कि पीपलोदी हादसे के बाद झालावाड़ जिले के कई सरकारी विद्यालयों की जर्जर इमारतों को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे में यह स्वीकृति क्षेत्र के स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।