सांसद दुष्यंत सिंह की द्वितीय चरण की पदयात्रा के दौरान पूजा करती हुईं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे।
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झालावाड़ में सांसद दुष्यंत सिंह की द्वितीय चरण की पदयात्रा के तहत आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भावुक हो गईं। उन्होंने अपने 35 वर्षों के राजनीतिक सफर और झालावाड़ से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें अनमोल मोती जैसे साथी और सहयोगी मिले। उन्होंने कहा कि 35 वर्ष कब बीत गए, इसका एहसास ही नहीं हुआ।
वसुंधरा राजे ने मंच पर मौजूद अतिथियों को अपने परिवार का हिस्सा बताते हुए कहा कि आज जिन बच्चों को वह देख रही हैं, उनकी उम्र सांसद दुष्यंत सिंह और उनके पोते विनायक के समान है और वे सभी उनके अपने हैं। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार झालावाड़ आई थीं, तब उन्हें यह तक पता नहीं था कि झालावाड़ कहां स्थित है। उस समय यहां हवाई पट्टी और सड़कों की स्थिति बेहद खराब थी, जिसकी आज की स्थिति से तुलना करना कठिन है।
उन्होंने कहा कि पहले सड़कों पर खड़ा होना भी मुश्किल था, जबकि आज जिले में सड़कें बेहतर स्थिति में हैं। वसुंधरा राजे ने बताया कि क्षेत्र की पानी सहित लगभग 70 प्रतिशत समस्याओं और विकास कार्यों का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष कार्यों को भी जनसहयोग से पूरा किया जाएगा।
सांसद दुष्यंत सिंह बोले-जनसमस्याओं के समाधान का अवसर
सभा को संबोधित करते हुए सांसद दुष्यंत सिंह ने कहा कि पदयात्रा के माध्यम से उन्हें अपने क्षेत्र के लोगों से सीधे मिलने का अवसर मिल रहा है। इस दौरान कार्यकर्ताओं और आमजन की समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनका समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण की पदयात्रा की शुरुआत नकलन महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की गई है, जो तीन दिनों तक विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगी।
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संतों का आशीर्वाद भी मिला झालावाड़ को
इस अवसर पर वसुंधरा राजे ने कहा कि कोलाना हवाई पट्टी के झालावाड़ में होने के कारण हाल ही में कोटा संभाग से जुड़े संतों की यात्रा भी यहां से संभव हुई। उन्होंने बताया कि आचार्य धीरेंद्र शास्त्री और योग गुरु बाबा रामदेव ने भी हाल ही में झालावाड़ हवाई पट्टी से आगमन और प्रस्थान किया, जो जिले के लिए सौभाग्य की बात है।
झालावाड़ में लगातार सक्रिय रहीं वसुंधरा राजे
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हाल के महीनों में लगातार झालावाड़ में सक्रिय रही हैं। जानकारी के अनुसार जनवरी 2026 में वह दो बार 15 से 17 जनवरी और 27 जनवरी को झालावाड़ पहुंचीं। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी वह 22 दिसंबर से लगभग एक सप्ताह तक झालावाड़ में रहीं और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।
'महिलाओं को राजनीति में टिकने के लिए पुरुषों से तीन गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है'
राजस्थान की राजनीति में लंबे समय तक निर्णायक भूमिका निभा चुकीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। नितिन नवीन के भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद बीजेपी की राजनीति में वसुंधरा राजे के सियासी भविष्य को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं।
हालांकि, बीते कुछ समय से राजे के बयानों में सीधा टकराव नहीं, बल्कि संकेतों की राजनीति दिखाई दे रही है। वह न तो खुलकर किसी भूमिका की घोषणा कर रही हैं और न ही सक्रिय विरोध की राह पर हैं, लेकिन उनके वक्तव्य यह साफ करते हैं कि वह हाशिये पर रहने को तैयार नहीं हैं। पार्टी के भीतर और बाहर, उनके शब्दों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पूर्व में जयपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि महिलाओं को राजनीति में टिकने के लिए पुरुषों से तीन गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है।