शहर के निकट मंडावर थाना क्षेत्र के नौलाव गांव निवासी एक वृद्ध की नदी से पानी भरते समय पैर फिसलने से डूबकर मौत हो गई। एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम ने गुरुवार सुबह नदी से शव बरामद कर झालावाड़ एसआरजी अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मंडावर थाने के एएसआई इशाक ने बताया कि नौलाव गांव निवासी लालचंद कहार (65) पुत्र शंकरलाल कहार 29 जुलाई की शाम गांव के पास आहू नदी से पानी भरने गए थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से उनका पैर फिसल गया और वह नदी में डूब गए। जब देर रात तक लालचंद घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने भी खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
गुरुवार सुबह नदी में एक शव दिखाई देने की सूचना पर एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नदी में उतरकर शव बाहर निकाला। परिजनों ने शव की पहचान लालचंद कहार के रूप में की। इसके बाद शव को झालावाड़ एसआरजी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। मृतक के पुत्र रजत की रिपोर्ट पर मंडावर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। बताया गया कि मृतक कृषि कार्य करते थे।
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सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू अभियान
सिविल डिफेंस टीम प्रभारी नरेश नागर के नेतृत्व में सूचना मिलते ही टीम अपने संसाधनों के साथ मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकालने में एसडीआरएफ का सहयोग किया। इस दौरान विजय भानु, समीर खान, मोहम्मद कैफ, दानिश खान, बंटी मीणा और आबिद लारा भी मौजूद रहे। बारिश के मौसम को देखते हुए जिले में एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें तैनात की गई हैं।
बारिश के मौसम में बढ़ रहे जलजनित हादसे
बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही जिले में नदी-नालों में पानी बढ़ने से डूबने जैसी घटनाओं में इजाफा हो रहा है। इस वर्ष अब तक अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है, लेकिन नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने से ऐसे हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।