झालावाड़ पुलिस ने नकली नोटों के रैकेट में शामिल 10,000 रुपये के इनामी अपराधी अमरचंद उर्फ राधे मीणा को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी दो वर्षों से फरार था और राजस्थान सहित कई राज्यों में वांछित था।
नकली नोटों के निर्माण और प्रचलन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत झालावाड़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 10,000 रुपये के इनामी और राज्य स्तरीय वांछित अपराधी अमरचंद उर्फ राधे मीणा को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबूलाल निवासी रीछवा, थाना अकलेरा, जिला झालावाड़ का रहने वाला है और पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था।
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जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि अमरचंद नकली मुद्रा से जुड़े कई मामलों में वांछित था। वर्ष 2023 में थाना अकलेरा में दर्ज जाली नोट प्रकरण के बाद से वह लगातार पुलिस की पकड़ से बचता रहा। उसकी इसी सक्रियता के चलते उसे थाना, वृत्त और जिला स्तर पर टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल किया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि अमरचंद न केवल झालावाड़ बल्कि अजमेर जिले के कोतवाली थाना, ब्यावर सिटी थाना और नई दिल्ली क्राइम ब्रांच में भी नकली नोट बनाने और प्रचलन कराने के मामलों में वांछित था। वह बार-बार ठिकाने बदलकर पहचान छिपाता रहा और फिलहाल अहमदाबाद में रह रहा था। एसपी अमित कुमार ने बताया कि थाना अकलेरा की विशेष टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अहमदाबाद में दबिश दी। सुनियोजित ऑपरेशन के तहत आरोपी को दबोच लिया गया। इस कार्रवाई में थाना अकलेरा के एसएचओ भूपेश शर्मा, हेड कांस्टेबल महेंद्र और कांस्टेबल लखनलाल, दयालचंद व केसाराम की अहम भूमिका रही।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से नकली नोटों के नेटवर्क और उसके अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि अमरचंद की गिरफ्तारी से न केवल जिले में सक्रिय नकली नोटों के रैकेट का बड़ा हिस्सा उजागर होगा, बल्कि अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क तक भी पुलिस की पहुंच बन सकेगी। झालावाड़ पुलिस की इस सफलता को नकली मुद्रा के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।