आज सुबह प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए झालावाड़ में श्रीनाथ जी मंदिर की करीब 28 बीघा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। इस जमीन का नाम श्रीकृष्ण वाटिका है, जिस पर बरसों से कुछ दबंग और आपराधिक तत्वों का कब्जा था। कब्जाधारक इस करोड़ों की जमीन पर इमारत बनाकर रह रहे थे लेकिन भारी पुलिस बल के साथ आज इस इमारत को ध्वस्त कर दिया गया।
बुलडोजर चलाने की इस कार्रवाई को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के आदेश पर शुरू किया गया। श्रीनाथ जी मंदिर मंडल के वरिष्ठ अधिकारी ने अवैध कब्जे के संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखकर मदद मांगी थी। पत्र मिलते ही प्रशासन ने एसडीएम अभिषेक चारण के नेतृत्व में टीम का गठन किया। इस टीम में राजस्व विभाग के अधिकारी, तहसीलदार और मंदिर मंडल के सदस्य भी शामिल थे।
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प्रशासन इस बात से वाकिफ था कि कब्जा करने वाले आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग हैं। इसलिए ऑपरेशन के दौरान एडिशनल एसपी चिरंजीलाल मीणा, सीओ हर्षराज खरेड़ा, साइबर और ट्रैफिक सीओ समेत कई थानों के अधिकारी और 100 से ज्यादा पुलिस जवान मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने पूरे इलाके का घेरा बनाकर कार्रवाई को शांति से संपन्न कराया।
प्रशासन के अनुसार यह जमीन केवल अवैध कब्जे में ही नहीं थी, बल्कि अपराधों का अड्डा भी बन चुकी थी। प्रमुख आरोपी अब्दुल हफीज का रिकॉर्ड गंभीर था, उसके खिलाफ 12 मामले दर्ज थे, जिनमें चोरी, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट शामिल हैं। अन्य आरोपियों में अरबाज उर्फ शब्बीर मारपीट, जान से मारने की कोशिश, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत 10 मामले, मेहरुद्दीन उर्फ अमन मारपीट, लूट और जान से मारने की कोशिश के चार मामले, सलमान और अब्दुल रशीद पर एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले पहले से चल रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि इन लोगों के कारण इलाके में असुरक्षा और तनाव बढ़ गया था। इस बुलडोजर ऑपरेशन के बाद न केवल मंदिर की जमीन वापस मिली है, बल्कि इलाके में सुरक्षा और शांति भी बहाल हो गई है।