फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhalawar News: हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई पर प्रशासन का एक्शन, दोषियों पर कार्रवाई करने की तैयारी

Sat, 13 Dec 2025 05:09 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़

सार

शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए एक तरफ प्रशासन पौधरोपण अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी तरफ सिंचाई विभाग की भीमसागर कॉलोनी में हरे-भरे पेड़ काटकर उनकी लकड़ी बेचने का मामला सामने आया है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग की कॉलोनी में हरे-भरे पेड़ काटे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शहर के बीच स्थित सिंचाई विभाग की भीमसागर कॉलोनी में दर्जनों हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। शुक्रवार शाम तहसीलदार नरेंद्र मीना ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार भीमसागर कॉलोनी में सागवान, चंदन और शीशम जैसे बेशकीमती पेड़ काटकर गुपचुप तरीके से बेच दिए गए। आश्चर्य की बात यह है कि इतनी बड़ी कार्रवाई की किसी को भनक तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मीडिया ने इस कटाई का खुलासा किया। इसके बाद एसडीएम अभिषेक चारण ने तुरंत संज्ञान लेते हुए तहसीलदार नरेंद्र मीना को टीम सहित मौके पर भेजा।

ये भी पढ़ें: Jhunjhunu News: करोड़ों की जमीन की वजह से हुई गैंगवार, फायरिंग में हुई दो लोगों की मौत के बाद मचा हड़कंप
विज्ञापन


मौके पर निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कॉलोनी में दर्जनों हरे पेड़ काटे जा चुके हैं और लकड़ी पहले ही बेच दी गई है। जब तहसीलदार ने जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा तो कोई आगे नहीं आया। अब प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है।

विज्ञापन


तहसीलदार नरेंद्र मीना ने बताया कि मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है और इसे लेकर वन विभाग की टीम भी जांच के लिए पहुंचेगी। टीम पेड़ों की प्रजाति, मात्रा और मूल्य का आकलन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

झालावाड़ जिला प्रशासन की ओर से हाल ही में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधारोपण अभियान चलाया गया था लेकिन अब शहर के सरकारी आवासीय क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आना शर्मसार कर देने वाला है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अधिकारियों की मिलीभगत नहीं होती, तो इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई संभव नहीं थी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें