झालावाड़ एक बार फिर नया कीर्तिमान बनाने की तैयारी में है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पंच गौरव योजना के तहत 10 दिसंबर को विश्व धरोहर गागरोन दुर्ग में पहली बार 5000 से अधिक सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थी एक साथ चित्रकारी करेंगे। यह आयोजन ‘गागरोन दुर्ग चित्रकला प्रतियोगिता’ के रूप में आयोजित किया जाएगा।
पर्यटन और संस्कृति को मिलेगी नई पहचान
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने आवश्यक सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और पंच गौरव योजना की पहचान को जिले-दर-जिले मजबूत करना है। गागरोन दुर्ग जैसे ऐतिहासिक स्थल पर होने वाला यह आयोजन कला के माध्यम से विरासत को नई पहचान देने का प्रयास है।
आमजन और अधिकारी भी बनेंगे सहभागी
प्रशासन के अनुसार यह प्रतियोगिता केवल स्कूली विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगी। जिला स्तरीय अधिकारी, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक भी इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। सभी वर्गों को आयोजन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
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व्यवस्थाएं और आयोजन स्थल की तैयारी
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को चित्रकला की शीट जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं पेंसिल, रबर, वॉटर कलर और स्कैच पेन जैसी सामग्री विद्यार्थियों को स्वयं लानी होगी। आयोजन स्थल पर पंच गौरव से जुड़े गागरोन, संतरा, सागवान, कोटा स्टोन और बास्केटबॉल विषयक आकर्षक स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
साप्ताहिक समीक्षा बैठक में तैयारियों पर नजर
बैठक के दौरान पीडब्ल्यूडी, विद्युत, जलदाय, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, सहकारिता, रसद और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर उप वन संरक्षक सागर पंवार, अतिरिक्त जिला कलक्टर अनुराग भार्गव सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।