नवजात शिशु का इलाज करते डॉक्टर।
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के जालौर में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया। आहोर उपखंड के भाद्राजून थाना क्षेत्र के वलदरा गांव में जिंदा नवजात शिशु को सड़क किनारे खेत के पास किसी ने छोड़ दिया। शिशु के रोने की आवाज पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि नवजात शिशु को श्वान नोंच रहे थे। ग्रामीणों ने नवजात शिशु को श्वान से बचाया। एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया।
नवजात शिशु का भुतही गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज किया गया। इसके बाद जालौर जिला अस्पताल के लिए नवजात को रेफर किया गया। फिलहाल डॉक्टरों के मुताबिक शिशु स्वस्थ है। उसका वजन ढाई किलो है। नवजात का जन्म एक दिन पहले का बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अभी तक यह पता नहीं लग पाया है कि इस नवजात को सड़क किनारे झाड़ियां में कौन छोड़कर चला गया।
भूति गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर विकास यादव के अनुसार नवजात शिशु को ग्रामीणों की ओर से 108 एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया था। उसका इलाज शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि शिशु का ढाई किलो वजन है। 9 महीने परिपक्व होकर जन्मा है। नवजात शिशु का जन्म एक दिन पहले का लग रहा है इसके माता-पिता कौन है इसके बारे में जानकारी नहीं मिली है। नवजात शिशु को यहां लाने के बाद उपचार कर आगे जालौर रेफर किया गया और इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई है पुलिस आगे की जांच करेगी।