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जालोर: बोर्ड की बिसात बिछी, कहीं भाजपा मजबूत तो कहीं निर्दलीयों पर दांव; 21 सितंबर को तय होगी कुर्सी

Wed, 16 Sep 2026 10:51 AM IST
जालौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालोर

सार

जालोर जिले के पांचों नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम के बाद अब अध्यक्ष और सभापति पदों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। 165 वार्डों में भाजपा ने 82, कांग्रेस ने 50 और निर्दलीय व अन्य प्रत्याशियों ने 33 सीटें जीती हैं।
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पांच निकायों में सभापति और अध्यक्ष पद के लिए कवायद हुई शुरू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जालोर जिले के पांचों नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब अध्यक्ष और सभापति की कुर्सी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कुल 165 वार्डों के नतीजों में भाजपा ने 82 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को 50 वार्डों में सफलता मिली है। वहीं निर्दलीय और अन्य प्रत्याशियों ने 33 सीटों पर जीत हासिल की है। चुनाव परिणाम के बाद सायला, सांचौर और आहोर में भाजपा मजबूत स्थिति में है, जबकि जालोर और भीनमाल में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन अहम हो गया है। अध्यक्ष और सभापति पदों के आरक्षण के बीच अब दावेदारों के नामों और पार्षदों का समर्थन जुटाने को लेकर दोनों प्रमुख दलों में अंदरूनी कवायद शुरू हो गई है।

जालोर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, दो निर्दलीयों की जरूरत

जालोर नगर परिषद के 40 वार्डों में कांग्रेस 19 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है। भाजपा ने 14 वार्ड जीते हैं, जबकि निर्दलीय और अन्य प्रत्याशियों के खाते में सात सीटें गई हैं। सभापति चुनने के लिए बहुमत का आंकड़ा 21 है। ऐसे में कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए कम से कम दो निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। वहीं भाजपा के पास 14 सीटें हैं और उसके सामने सात निर्दलीय पार्षदों में से समर्थन जुटाने की चुनौती है। जालोर में सभापति पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में दोनों दलों में संभावित दावेदारों को लेकर अंदरखाने चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी किसी भी दल ने सभापति पद के लिए किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

भीनमाल में भाजपा को दो निर्दलीयों का साथ जरूरी

भीनमाल नगर पालिका के 40 सदस्यीय सदन में भाजपा 19 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। यहां बहुमत के लिए 21 सीटों की जरूरत है। ऐसे में भाजपा को बोर्ड बनाने के लिए केवल दो निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

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भीनमाल में कांग्रेस के खाते में आठ सीटें आई हैं, जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों ने 13 वार्डों में जीत दर्ज की है। इस वजह से बोर्ड गठन में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं वार्ड 35 से कांग्रेस के हकीम खान की 653 मतों से जीत भी चर्चा में रही। सभापति पद के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से अभी अंतिम नाम सामने नहीं आया है।

सांचौर, आहोर और सायला में भाजपा मजबूत

सांचौर नगर पालिका में भाजपा ने 19 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं आहोर में भाजपा को 13 सीटें मिली हैं, जो बहुमत के आंकड़े के बराबर हैं। सायला नगर पालिका में भाजपा ने 17 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। ऐसे में इन तीनों निकायों में बोर्ड गठन को लेकर भाजपा की स्थिति मजबूत है।

आरक्षण से बदले दावेदारों के समीकरण

अध्यक्ष और सभापति पदों के आरक्षण ने भी निकाय चुनाव के बाद के समीकरणों को खास बना दिया है। सांचौर और भीनमाल में अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। जालोर में सभापति पद भी सामान्य वर्ग के लिए है। वहीं आहोर में अध्यक्ष पद ओबीसी और सायला में अध्यक्ष पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित है। अब पार्षदों की राय, संबंधित दलों की रणनीति और संभावित समर्थन के आधार पर अध्यक्ष और सभापति पद के दावेदारों के नाम तय किए जाएंगे। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया 21 सितंबर को होगी। इसी के साथ पांचों निकायों में बोर्ड गठन को लेकर चल रही सियासी कवायद का अगला चरण भी साफ हो जाएगा।

 

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