फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaisalmer News: जैसलमेर में स्कूल हादसे के बाद 3 दिन का अवकाश घोषित, सभी शैक्षणिक भवनों की गहन जांच के निर्देश

Tue, 29 Jul 2025 10:16 AM IST
जैसलमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

कल जिले के पूनमनगर गांव में हुए स्कूल हादसे के बाद कलेक्टर ने जिले के सभी राजकीय स्कूलों में तीन दिन के अवकाश की घोषणा की है। इस दरमियान सभी स्कूल भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों की गहन जांच की जाएगी।
विज्ञापन
जिले के सभी स्कूलो में 3 दिन का अवकाश
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले के पूनमनगर गांव में सोमवार को हुए दर्दनाक स्कूल हादसे के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने एक अहम निर्णय लेते हुए जिले के समस्त राजकीय और निजी स्कूलों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 29 से 31 जुलाई तक विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संस्थागत भवनों की विस्तृत जांच हेतु लिया गया है।

विज्ञापन


दरअसल सोमवार को पूनमनगर स्थित एक विद्यालय में प्रवेश द्वार का पिलर गिरने से एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक शिक्षक और एक अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुखद घटना ने शिक्षा विभाग और प्रशासन को भवनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सोचने पर मजबूर कर दिया है। कलेक्टर प्रताप सिंह ने हादसे के तुरंत बाद जिले भर के सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों की संरचनात्मक स्थिरता का आकलन करने का आदेश जारी किया है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस तीन दिवसीय अवकाश के दौरान विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों की बिल्डिंगों की गहन जांच की जाएगी। इस जांच में भवनों की दीवारों, छतों, प्रवेश द्वारों, शौचालयों, चारदीवारी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। संबंधित विभागों को यह निर्देश दिया गया है कि वे इस निरीक्षण कार्य को तय समय-सीमा में गंभीरता और पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपें।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Jaisalmer: जैसलमेर के पूनमनगर में सरकारी स्कूल का गेट गिरा, मासूम छात्र की मौत, घायल टीचर अस्पताल में भर्ती

जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय बच्चों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रत्येक स्कूल और केंद्र की भौतिक संरचना का मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, ग्राम विकास अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन समितियों से इस सर्वेक्षण कार्य में पूर्ण सहयोग की अपेक्षा जताई है। प्रशासन का यह कदम जिले में सुरक्षित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह सर्वे न केवल वर्तमान खतरों की पहचान करेगा, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में भी एक ठोस आधार प्रदान करेगा।
विज्ञापन


सोमवार को जैसलमेर के पूनमनगर गांव स्थित एक सरकारी स्कूल में दोपहर के समय तेज हवाओं के चलते स्कूल के मुख्य द्वार का पिलर अचानक गिर गया था। इस हादसे में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक शिक्षक और एक अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई थी और लोगों ने स्कूल भवनों की जर्जर हालत को लेकर नाराजगी जताई थी। अब जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से यह उम्मीद की जा रही है कि जिले के सभी शिक्षण संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र सुरक्षा की दृष्टि से अधिक मजबूत और संरक्षित बनाए जाएंगे, ताकि भविष्य में बच्चों की जान खतरे में न पड़े।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें