Rajasthan: जैसलमेर की तपती रेत से लेकर ऊंचे बंकरों तक, अब बीएसएफ के जवान नए परिधान में पहले से भी ज्यादा सतर्क और सशक्त दिखाई देंगे। यह बदलाव सिर्फ लुक का नहीं, बल्कि तकनीकी दक्षता और मनोबल का भी प्रतीक है। पढ़ें पूरी खबर
देश की सीमा पर हर हाल में डटे रहने वाली "फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस" बीएसएफ यानी सीमा सुरक्षा बल के जवान अब नए लुक में नजर आएंगे। सरहद की सुरक्षा में तैनात इन जवानों को अब नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म दी जा रही है, जो न केवल देखने में आधुनिक है, बल्कि ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई है।
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नई वर्दी में दिखेगा नयापन और मजबूती
नई वर्दी का रंग संयोजन खासतौर पर सीमावर्ती इलाकों के वातावरण के अनुकूल रखा गया है। इसमें 50 फीसदी खाकी, 45 फीसदी हरा और 5 फीसदी भूरा रंग शामिल किया गया है, जिससे जवान दुश्मन की नजरों से बच सकें और घुल-मिल जाएं। बीएसएफ नॉर्थ सेक्टर, जैसलमेर के डीआईजी योगेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि नई यूनिफॉर्म बीएसएफ में जारी हो चुकी है। अधिकांश जवानों ने ड्रेस तैयार करवा ली है और जल्द ही सभी जवानों को यह ड्रेस उपलब्ध करा दी जाएगी।
नई वर्दी डिजिटल पैटर्न वाली है, जो सेना और सीआरपीएफ की ड्रेस की तरह अधिक तकनीकी और आक्रामक दिखती है। यह कॉम्बैट ड्रेस जवानों की ऑपरेशनल भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी। वर्दी का रंग भले ही बदला हो, लेकिन जवानों का जज्बा अब भी वही है। हर हाल में देश की रक्षा करना और दुश्मन को करारा जवाब देना। नई वर्दी बीएसएफ के आत्मविश्वास और गर्व का प्रतीक बनेगी।