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Jaisalmer: भू-जल मंत्री कन्हैयालाल ने किया जलधारा फूटने के स्थान का निरीक्षण, स्थानीय विधायक भी रहे मौजूद

Wed, 01 Jan 2025 10:47 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

Jaisalmer: प्रदेश के भू-जल मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कुछ दिनों पूर्व मोहनगढ़ में खुदाई के दौरान जमीन से गैस के साथ पानी की धार फूटने वाले स्थान का निरीक्षण किया। ऐसे में इनके मौके पर पहुंचने से प्रशासनिक अमला अलर्ट नजर आया।
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मंत्री ने किया निरीक्षण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जैसलमेर के मोहनगढ़ क्षेत्र में कुछ दिनों पूर्व खुदाई के दौरान जमीन से गैस के साथ पानी की धार फूटने एवं इसमें ट्रक धंसने की घटना के बाद लगाए जा रहे विभिन्न तरह के कयासों के बीच राजस्थान के जलदाय एवं भू-जल मंत्री कन्हैयालाल चौधरी मौका-मुआयना करने पहुंचे। भू-जल मंत्री ने खेत के मालिक एवं आसपास बसे ग्रामीणों से इस घटना की बारीकी से जानकारी ली। चूंकि भू-जल मंत्री कन्हैयालाल चौधरी जैसलमेर जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं, ऐसे में इनके मौके पर पहुंचने से प्रशासनिक अमला अलर्ट नजर आया।

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हालांकि भू-गर्भशास्त्री एवं इतिहासकार जैसलमेर-बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाके में बरसों पूर्व विलुप्त हो चुकी सरस्वती नदी के एक जमाने में बहने के दावे करते आए हैं और मोहनगढ़ में जिस स्थान पर गैस एवं पानी की धार फूटी, वहां विशेषज्ञों की टीम दौरा भी कर चुकी है। इसके बावजूद फिलहाल सभी तरह के कयासों को नकारते हुए फाइनल रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। भू-जल मंत्री के साथ जैसलमेर विधायक छोटू सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रारंभिक तौर पर पानी खारा एवं गैस अनुपयोगी
हालांकि विशेषज्ञ अलग-अलग तरह के दावे करते नजर आ रहे हैं, लेकिन प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा कि ट्यूबवेल खुदाई से फूटी जलधारा का पानी खारा है और इसके साथ तेज दबाव से निकलने वाली गैस भी उपयोगी नहीं मानी जा रही है।
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आमतौर पर बाड़मेर एवं आसपास भू-गर्भ से अथाह तेल भंडार मिलने बाद कुछे विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि मोहनगढ़ में घटनास्थल पर भी तेल के या कोई उपयोगी गैस के भंडार मिल सकते हैं, लेकिन फिलहाल इस तरह की संभावना को लेकर सारे विशेषज्ञ एकराय नहीं हैं। जमीन से फूटी जलधारा का पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है और जांच रिपोर्ट का आने पर ही किसी तरह के निष्कर्ष तक पहुंचा जा सकेगा।

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