तेजाब पीते युवक को बचाने में जले कॉन्स्टेबल के दोनों हाथ
जैसलमेर जिले के चांधन कस्बे में बुधवार को एक बेहद गंभीर और संवेदनशील घटना घटी। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को शांत कराने पहुंचे पुलिस कांस्टेबल खीमसिंह ने अपने साहस से एक व्यक्ति की जान बचा ली। हालांकि इस दौरान वे स्वयं तेजाब से बुरी तरह झुलस गए। फिलहाल कांस्टेबल और घायल युवक दोनों अस्पताल में भर्ती हैं।
पत्नी से विवाद के बीच तेजाब पीने लगा युवक
जानकारी के मुताबिक, 20 अगस्त को जैसलमेर स्थित अभय कमांड सेंटर को सूचना मिली कि चांधन गांव में एक महिला के साथ उसका पति मारपीट कर रहा है। सूचना पर जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देशानुसार चांधन पुलिस चौकी में तैनात कांस्टेबल खीमसिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि पति-पत्नी आपस में बुरी तरह उलझे हुए थे और झगड़ा बढ़ता जा रहा था। इस बीच महिला का पति राधेश्याम सोनी अचानक पास में रखी तेजाब की बोतल उठाकर पीने का प्रयास करने लगा।
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तेजी से बोतल छीनी, लेकिन खुद झुलस गए कांस्टेबल
स्थिति को गंभीर देखकर कांस्टेबल खीमसिंह ने बिना समय गंवाए राधेश्याम से बोतल छीनने की कोशिश की। इसी छीना-झपटी के दौरान बोतल से तेजाब छलक गया और खीमसिंह के दोनों हाथों और वर्दी पर गिर पड़ा। तेजाब की कुछ छींटें राधेश्याम पर भी पड़ीं, जिससे वह भी झुलस गया। भीषण जलन और दर्द के बावजूद कांस्टेबल खीमसिंह ने हिम्मत नहीं हारी और बोतल छीनकर युवक को आत्महत्या से बचा लिया।
घायल होने के बावजूद निभाई जिम्मेदारी
तेजाब से झुलसने के बाद भी कांस्टेबल ने अपनी परवाह किए बिना घायल युवक को खुद अपने साथ लेकर चांधन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला मुख्यालय स्थित जवाहिर अस्पताल रेफर किया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है।
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पुलिस अधिकारियों ने की बहादुरी की सराहना
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने कांस्टेबल खीमसिंह की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर प्रशंसा की। अधिकारियों ने कहा कि खीमसिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक व्यक्ति को आत्मघाती कदम उठाने से रोका और घायल होने के बावजूद अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी।