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Rajasthan News: सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई, जैसलमेर से जासूसी के शक में युवक पकड़ा गया

Mon, 26 Jan 2026 08:34 PM IST
जैसलमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्र में सीआईडी-इंटेलिजेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को हिरासत में लिया है। युवक पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने का संदेह जताया जा रहा है, जिसे पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया गया है।
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जासूसी के शक में हिरासत में लिया गया ई-मित्र संचालक। फोटो- सोशल मीडिया
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विस्तार
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गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले सीमावर्ती जिला जैसलमेर में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े इनपुट के आधार पर सीआईडी-इंटेलिजेंस ने बॉर्डर एरिया से एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। युवक पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने का संदेह जताया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई जैसलमेर जिले के सांकड़ा थाना क्षेत्र के नेहड़ान गांव में की गई। हिरासत में लिया गया युवक झाबराराम पुत्र भानाराम मेघवाल बताया जा रहा है, जो पिछले चार वर्षों से गांव में ई-मित्र केंद्र का संचालन कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि युवक ने अपने काम की आड़ में संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच बनाई और उनका दुरुपयोग किया।

सोशल मीडिया के जरिए विदेशी संपर्क का शक

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जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ और तकनीकी इनपुट में सामने आया है कि संदिग्ध युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों में था। आशंका जताई जा रही है कि वह एक पाकिस्तानी महिला हैंडलर के संपर्क में आया था।

सूत्रों का कहना है कि इसी संपर्क के जरिए उससे सामरिक और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने का प्रयास किया गया। हालांकि, अभी तक किसी भी केंद्रीय या राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पैसों के लेन-देन को लेकर मिल रहे थे इनपुट
बताया जा रहा है कि खुफिया एजेंसियों को लंबे समय से संदिग्ध पैसों के लेन-देन और विदेशी संपर्कों को लेकर इनपुट मिल रहे थे। इन सूचनाओं के आधार पर एजेंसियों ने युवक की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 25 जनवरी की रात उसे हिरासत में ले लिया गया।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि युवक ने यह गतिविधियां केवल पैसों के लालच में कीं या फिर उस पर किसी प्रकार का दबाव, ब्लैकमेलिंग अथवा मानसिक शोषण किया गया। हनीट्रैप के मामलों में अक्सर आर्थिक लाभ या भावनात्मक जाल के जरिए गोपनीय जानकारियां हासिल की जाती हैं, इसी एंगल से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

कंप्यूटर और मोबाइल जब्त, फोरेंसिक जांच जारी

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सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध के ई-मित्र केंद्र से जुड़े कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि किन माध्यमों से सूचनाएं साझा की गईं, किस समय और किन लोगों के साथ संपर्क रहा।

ई-मित्र केंद्र के संचालन के चलते युवक को सरकारी योजनाओं, दस्तावेजों और आम नागरिकों के डेटा तक पहुंच थी। इस बिंदु को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है कि कहीं इस पहुंच का दुरुपयोग तो नहीं किया गया।

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पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया गया युवक
जानकारी के अनुसार सीआईडी-इंटेलिजेंस की टीम ने संदिग्ध युवक को विस्तृत पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया है। वहां केंद्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त पूछताछ होने की संभावना है। एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच जारी
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से पहले इस तरह की कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

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