‘स्टूडेंट सुसाइड के आंकड़े सभ्य समाज पर कालिख’
‘कोचिंग सेंटर आत्महत्या फैक्ट्री बनते जा रहे’
छात्र तपिश वैष्णव ने कहा कि राजस्थान के कोचिंग संस्थान शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि आत्महत्या फैक्ट्री कहलाने लगे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मौलिक अधिकार की बजाय विशेषाधिकार बना दिया गया है। लाखों छात्र हर साल इस दबाव में झुलस रहे हैं।
‘स्कूलों में करियर काउंसलर क्यों नहीं?’
‘योजनाएं आसमान में, युवा जमीन पर भटक रहा’
छात्रा प्रतीक्षा भंडारी ने कहा कि सरकार योजनाएं तो बनाती है, लेकिन वे युवाओं तक पहुंचती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि योजनाएं आसमान में हैं और युवा जमीन पर भटक रहे हैं। जब साबुन का विज्ञापन रोज दिख सकता है, तो करियर और शिक्षा से जुड़ी जानकारी क्यों नहीं? करियर और शिक्षा युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत है।
‘स्कूलों के टाइम टेबल में खेल का पीरियड ही नहीं’
नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहीं उदयपुर की छात्रा हिमानी ने कहा कि कोचिंग हब होना गर्व की बात है, लेकिन बच्चों की जान सुरक्षित रहनी चाहिए। स्कूलों में खेलकूद के पीरियड नहीं हैं, जिससे शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने स्कूलों में साइकोलॉजिस्ट और करियर काउंसलर नियुक्त करने की मांग की।
देवनानी बोले मजबूत होना जरूरी
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने युवा संसद को संबोधित करते हुए कहा कि मजबूत बनने के लिए मजबूत मन होना जरूरी है।युवा संसद में छात्रों ने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान और कोचिंग सिस्टम पर नियंत्रण अब समय की मांग है।