विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने देशभर में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। दिल्ली में आयोजित केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव को मंजूरी दी गई। इस बदलाव के तहत राजस्थान के क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजाराम को मध्य क्षेत्र की अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही राजस्थान में भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गई हैं, जिन्हें संगठन की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
राजाराम को मिली मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी
संगठनात्मक फेरबदल के तहत राजस्थान के क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजाराम को मध्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई भूमिका में वह अब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में संगठन विस्तार, स्थानीय इकाइयों के समन्वय, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण तथा आगामी अभियानों के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। संगठन के भीतर इसे एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देना है।
राजस्थान में भी हुई नई नियुक्तियां
राजाराम के स्थानांतरण के बाद राजस्थान में भी नई नियुक्तियां की गई हैं। पटना क्षेत्र में कार्यरत संगठन मंत्री आनंद को जयपुर क्षेत्र का नया संगठन मंत्री बनाया गया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ राजस्थान में संगठन के विस्तार और नई योजनाओं के क्रियान्वयन में मिलेगा।
सुभद्र पापड़ीवाल बने जयपुर प्रांत अध्यक्ष
इसी क्रम में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्यमी सुभद्र पापड़ीवाल को विश्व हिंदू परिषद का जयपुर प्रांत अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पापड़ीवाल इससे पहले जयपुर प्रांत के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। वे विभिन्न औद्योगिक संगठनों से जुड़े रहे हैं और सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। इसके अलावा वे सीतापुरा श्री श्याम गौशाला के संरक्षक के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।
राष्ट्रव्यापी रणनीति के तहत हुआ फेरबदल
सूत्रों के अनुसार, यह संगठनात्मक फेरबदल विहिप की राष्ट्रव्यापी रणनीति का हिस्सा है। संगठन ऐसे पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंप रहा है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किया है। इसका उद्देश्य नए क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाना और आगामी अभियानों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करना है।
राजस्थान में रहा राजाराम का उल्लेखनीय कार्यकाल
राजाराम का राजस्थान में संगठनात्मक कार्यकाल भी उल्लेखनीय माना जाता है। राम मंदिर निधि समर्पण अभियान के दौरान उन्होंने राजस्थान में अभियान के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की मांग भी उठाई थी।
दक्षिण राजस्थान के जनजातीय इलाकों में 'घर वापसी' अभियान के संचालन में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। संगठन विस्तार के तहत जयपुर, जोधपुर और चित्तौड़गढ़ प्रांतों के पुनर्गठन में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए।