राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों को प्रवेश से रोके जाने का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से व्यवस्था का प्रश्न किया। इसके बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और बाद में कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन की कार्यवाही केवल 66 मिनट चली और वित्त संबंधित तीन विधेयक पारित करवाने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा के बाहर कांग्रेस नेताओं ने CJP आंदोलन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे लोगों की मांगों और उनके विरोध को गंभीरता से लेने के बजाय सरकार दमन का रास्ता अपना रही है। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाने वाले लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए और सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि CJP आंदोलन के दौरान युवाओं और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर स्पष्ट रुख रखने और पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
गृह राज्य मंत्री बोले- कांग्रेस के पास मुद्दा नहीं बचा
कांग्रेस के विरोध और हंगामे पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास सरकार को घेरने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर रही है। बेढ़म ने कहा कि सरकार विपक्ष से पहले ही अपील कर चुकी है कि सदन में स्वस्थ संसदीय परंपरा के साथ जनहित के मुद्दे उठाए जाएं।
बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ढाई साल में सरकार ने कई काम किए हैं और कांग्रेस मुद्दाविहीन हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकसभा की तरह विधानसभा में भी हंगामा कर कार्यवाही बाधित करने की रणनीति अपना रही है।
CJP आंदोलन और स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर हुए विरोध के दौरान कथित पत्थरबाजी के आरोपों पर भी बेढ़म ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सीजेपी के मुखौटे पहनकर अलग-अलग जगहों पर उपद्रव करने की साजिश कर रहे हैं। बेढ़म ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।
यूसीसी बिल सदन में पेश लेकिन चर्चा नहीं
हो हंगामें के बीच सरकार ने आज शून्यकाल में यूसीसी बिल सदन में पेश कर दिया। हालांकि इस बिल पर आज चर्चा नहीं होगी। संभावना है कि नवंबर में सरकार फिर से 8 से 10 दिन के लिए सदन बुलाएगी, जहां इस बिल को चर्चा के लिए रखा जाएगा।