फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान: ओएमआर में छेड़छाड़ कर 35.85 अंक को 183.85 किया, चयन कराने का आरोप; एसओजी ने दो और दबोचे

Thu, 08 Oct 2026 07:05 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षा में ओएमआर से छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के मामले में एसओजी ने कमोद मीना और मनराज मीना को गिरफ्तार किया है। एसओजी के अनुसार, कमोद के 35.85 अंक बढ़ाकर 183.85 किए गए थे।
 
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी बारोद मीणा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती परीक्षा 2018 और अन्य परीक्षाओं के परिणाम में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमोद मीना और उसके सहयोगी मनराज मीना के रूप में हुई है। दोनों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ कर मामले की जांच जारी है।

विज्ञापन


स्कैनिंग कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एसओजी, राजस्थान विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट स्कैनिंग और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी कंपनी राभव लिमिटेड के कर्मचारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा किए जाने की जांच चल रही है। इस मामले में पूर्व में तत्कालीन एनालिस्ट कम प्रोग्रामर (उप निदेशक) संजय माथुर, प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल सहित अभ्यर्थी पूनम माथुर, संतोष कुमारी मीना और मीराबाई मीना समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

परिचित अभ्यर्थियों को चयनित कराने का आरोप
अनुसंधान में सामने आया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के तत्कालीन प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल ने अपने परिचित अभ्यर्थियों को चयनित कराने में कथित तौर पर भूमिका निभाई। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के कार्मिक विनोद कुमार गौड़ और शादान खान ने अन्य अभ्यर्थियों के परिणाम में कथित कुटरचना करने के बदले लाखों रुपये प्राप्त किए।
विज्ञापन


35.85 अंक बढ़ाकर किए गए 183.85
एसओजी के अनुसार, वांछित अभ्यर्थी कमोद मीना की मूल ओएमआर शीट में केवल 35.85 अंक प्राप्त हुए थे। आरोप है कि स्कैनिंग कंपनी के स्तर पर ओएमआर में फर्जी तरीके से बदलाव कर उसके अंक बढ़ाकर 183.85 कर दिए गए। इसके बाद वह चयन सूची में शामिल हो गई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ओएमआर में बदलाव किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के जरिए किया गया।

चाकसू और निवाई क्षेत्र से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लांबा के निर्देशन और पुलिस निरीक्षक सन्तरा मीणा के नेतृत्व में एसओजी टीम ने प्रकरण संख्या 7/25 में कमोद मीना और मनराज मीना को गिरफ्तार किया। कमोद मीना जयपुर जिले के चाकसू थाना क्षेत्र स्थित महादेवपुरा की रहने वाली है, जबकि मनराज मीना टोंक जिले के निवाई थाना क्षेत्र के प्रतापपुरा का निवासी है।

पुलिस रिमांड पर पूछताछ, लेन-देन की जांच जारी
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी तथा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1992 की धाराओं 3, 5 और 6 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। एसओजी अब ओएमआर स्कैनिंग में बदलाव की पूरी प्रक्रिया, इसमें शामिल अन्य लोगों और कथित आर्थिक लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें