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Rajasthan Politics: 'योजनाएं ठप, पेमेंट बंद... मुख्यमंत्री घूमने में व्यस्त, पूरा सिस्टम कॉलेप्स’: गहलोत

Wed, 27 May 2026 08:01 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए राजस्थान में “सिस्टम कॉलेप्स” होने का आरोप लगाया। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में भुगतान रुके हैं, कानून व्यवस्था बिगड़ी है, योजनाएं प्रभावित हैं और सरकार प्रशासनिक संवेदनशीलता खो चुकी है।

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अशोक गहलोत - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा के सियासी दौरे अब विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं।  पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राजस्थान की प्रशासनिक और आर्थिक स्थिति को “पूरी तरह कॉलेप्स” बताया है। गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ठेकेदारों के भुगतान रुके हुए हैं, स्वास्थ्य और शिक्षा योजनाओं में पैसा नहीं पहुंच रहा और कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है, जबकि मुख्यमंत्री केवल दौरों और राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं।

गहलोत ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं और कई विभागों में ठेकेदारों के करोड़ों रुपए के भुगतान लंबित हैं। उन्होंने दावा किया कि दवा सप्लायरों और सहकारी दवा दुकानों तक के भुगतान नहीं हो रहे। छात्रवृत्तियां अटकी हुई हैं और विभिन्न सरकारी योजनाओं में फंड की कमी साफ दिखाई दे रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन की कमी को दिखाता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं प्रसव के लिए अस्पताल आईं और अपनी जान गंवा बैठीं, लेकिन सरकार की ओर से शुरुआती स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई गई।

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कानून व्यवस्था को लेकर भी गहलोत ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भरतपुर में ज्वेलर हत्याकांड, महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध और NEET परीक्षा विवाद के बाद छात्र की आत्महत्या का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के पास इन मुद्दों पर कोई जवाब नहीं है।

गहलोत ने भाजपा सरकार को “सबसे संवेदनहीन सरकार” बताते हुए कहा कि प्रशासनिक मॉनिटरिंग अब सरकारों के बजाय सुप्रीम कोर्ट को करनी पड़ रही है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक हालात को लेकर केंद्र सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि केवल धार्मिक मुद्दों के सहारे राजनीति की जा रही है, जबकि शासन से जुड़े मूल मुद्दे पीछे छूट गए हैं।

इस दौरान गहलोत ने कांग्रेस संगठन में चल रहे जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम को राहुल गांधी का “नया और सफल प्रयोग” बताया। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के जरिए जिला अध्यक्षों को संगठनात्मक जिम्मेदारियों और स्थानीय मुद्दों की समझ दी जा रही है। गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस संगठन में अब जिला स्तर के नेताओं की राय को महत्व दिया जाएगा और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में भी उनकी भागीदारी बढ़ेगी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार गहलोत के ताजा बयान केवल सरकार पर हमला नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संगठन को फिर सक्रिय करने की रणनीति के तौर पर भी देखे जा रहे हैं।

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