राजस्थान की चर्चित एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में एसओजी ने एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी करते हुए जांच को नई दिशा दी है। एसओजी ने उस अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है, जिसने परीक्षा से पहले लीक हुए सॉल्व्ड पेपर पढ़कर अत्यधिक अंक हासिल किए थे।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल के अनुसार प्रकरण संख्या 10/2024 थाना एसओजी की जांच के दौरान महेन्द्र कुमार चौधरी (34), निवासी नाडा की ढाणी, सामोद, जयपुर ग्रामीण का नाम सामने आया। जांच में पुष्टि हुई कि उसने पेपर लीक के मुख्य सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेबाड़ से 8 लाख रुपये में पेपर खरीदने का सौदा किया था। इस सौदे के तहत चौधरी ने 14 सितम्बर 2021 को परीक्षा से पहले दोनों पारियों के सॉल्व्ड पेपर पढ़े थे।
लीक पेपर के आधार पर उसने लिखित परीक्षा में अविश्वसनीय अंक प्राप्त किए। हिन्दी विषय में उसने 200 में से 137.21 और सामान्य ज्ञान में 158.59 अंक हासिल कर जांच एजेंसियों को चौंका दिया। हालांकि संयुक्त मेरिट में 474वीं रैंक आने के बावजूद ओबीसी वर्ग में उसका चयन अंतिम सूची में नहीं हो सका।
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एसओजी की गिरफ्तारी के बाद सामने आए तथ्यों ने यह भी स्पष्ट किया कि महेन्द्र कुमार चौधरी सिर्फ एसआई भर्ती तक सीमित नहीं था। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि वह मुख्य सरगना विनोद कुमार जाट के संपर्क में रहकर अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में भी सक्रिय था और इस नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ था।
एसओजी ने आरोपी को 2 दिसंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 8 दिसम्बर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब आगे की पूछताछ में इस नेटवर्क में जुड़े अन्य अभ्यर्थियों, बिचौलियों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है।
इस ताजा गिरफ्तारी के साथ ही उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 133 तक पहुंच चुकी है। एसओजी का कहना है कि पेपर लीक के इस संगठित गिरोह को जड़ से उखाड़ने के लिए जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को प्रभावित करने वाली इस अवैध गतिविधि पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।