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एसआई भर्ती पेपर लीक: 25 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, अब तक 157 आरोपी पकड़े गए

Tue, 27 Oct 2026 04:59 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में एसओजी ने फरार आरोपी मनोहर लाल मांजू को गिरफ्तार किया है। उस पर पेपर लीक सरगना जगदीश विश्नोई के लिए लीक पेपर सॉल्व करने का आरोप है। गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मामले में अब तक 157 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
 
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गिरफ्तार आरोपी मनोहर लाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को एक और आरोपी की गिरफ्तारी में सफलता मिली है। एसओजी ने मनोहर लाल मांजू को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने पेपर लीक गिरोह के सरगना जगदीश विश्नोई के लिए परीक्षा से पहले लीक हुए प्रश्नपत्र को सॉल्व किया था। आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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परीक्षा से पहले स्कूल से लीक हुए थे दोनों पारियों के पेपर
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल के अनुसार, उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 के संबंध में एसओजी थाने में प्रकरण संख्या 10/2024 दर्ज है। जांच में सामने आया कि 14 सितंबर 2021 को आयोजित लिखित परीक्षा की दोनों पारियों के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले जयपुर के हसनपुरा स्थित शांतिनगर के रविन्द्र बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल से लीक किए गए थे।

रंगोली गार्डन के फ्लैट में सॉल्व किया गया पेपर
एसओजी के मुताबिक, पेपर लीक गिरोह के सरगना जगदीश विश्नोई ने अपने सहयोगियों पंकज चौधरी उर्फ यूनिक भाम्बू, शिवरतन मोट और अन्य लोगों के साथ मिलकर प्रश्नपत्र लीक किया था। इसके बाद ओमप्रकाश ढाका से हुए सौदे के अनुसार, लीक प्रश्नपत्र को जयपुर के रंगोली गार्डन स्थित एक फ्लैट में सॉल्व किया गया।
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जांच एजेंसी के अनुसार, इस काम में मनोहर लाल मांजू के अलावा पेपर सॉल्वर प्रवीण विश्नोई, प्रवीण परावा, राजीव विश्नोई और अन्य लोग शामिल थे। आरोप है कि प्रश्नपत्र सॉल्व होने के बाद जगदीश विश्नोई ने इसे परीक्षा से पहले वाट्सएप के जरिए अपने साइट हैंडलरों तक पहुंचाया।

अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था सॉल्व किया हुआ पेपर
एसओजी के अनुसार, साइट हैंडलरों ने अभ्यर्थियों से सौदा कर उन्हें सॉल्व किया हुआ प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया। आरोप है कि इस तरीके से अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाकर उप निरीक्षक पद पर चयनित कराने में मदद की गई। जांच में मनोहर लाल मांजू को जगदीश विश्नोई का सहयोगी बताया गया है।

स्थायी गिरफ्तारी वारंट के बाद पकड़ा गया आरोपी
एसओजी के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए मनोहर लाल लंबे समय से फरार था। उसके खिलाफ न्यायालय ने 22 अप्रैल 2025 को स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। 25 अक्टूबर 2026 को एसओजी से मिली सूचना के आधार पर सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा पुलिस ने उसे दस्तयाब किया। इसके बाद जयपुर स्थित एसओजी कार्यालय में अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा ने उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 28 अक्टूबर तक पुलिस अभिरक्षा में भेजने का आदेश मिला।

जालोर का निवासी, कॉलेज में सहायक आचार्य
मनोहर लाल मांजू जालोर जिले का निवासी है। वह वर्तमान में आबूरोड के सेठ मंगलचंद राजकीय महाविद्यालय में लोक प्रशासन विषय का सहायक आचार्य बताया गया है। एसओजी के अनुसार, उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में अब तक कुल 157 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।
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