अंता विधानसभा उपचुनाव में सियासी महासंग्राम तेज हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस सीट को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी बीच भाजपा ने अपने 40 सदस्यीय स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश प्रभारी डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम इस सूची में शामिल किए गए हैं।
भाजपा की सूची में जातीय संतुलन, क्षेत्रीय समीकरण और स्थानीय नेतृत्व को ध्यान में रखकर नाम जोड़े गए हैं। हालांकि इस सूची में कई ऐसे दिग्गज नेताओं के नाम नहीं हैं, जिन्होंने बरसों तक पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाई है। सबसे बड़ा नाम जो सूची से गायब रहा, वह है सात बार के विधायक और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी का।
प्रताप सिंह सिंघवी को शामिल न किए जाने पर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा के भीतर मतभेद उभर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता इस निर्णय को लेकर हैरान हैं क्योंकि सिंघवी का क्षेत्र में गहरा जनाधार और संगठन पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। दूसरी ओर पार्टी ने कई नए चेहरों और दूसरी बार जीते विधायकों को स्टार प्रचारक बनाया है।
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हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मतभेद की बातों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि भाजपा में हर नेता स्टार प्रचारक है। जिनका नाम सूची में नहीं है, वे भी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूची महज औपचारिकता है और पार्टी का हर कार्यकर्ता जीत के लिए समर्पित है।
अंता सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। दोनों दलों ने अपने-अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतार दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रचार अभियान में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी किस हद तक असर डालती है या फिर पार्टी की एकजुटता ही चुनावी जीत की राह बनाएगी।