राजस्थान में एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर से खड़ा हो गया है। कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के बाद अब हनुमान बेनीवाल इसे लेकर मैदान में हैं। जयपुर में शहीद स्मारक पर बीते 2 दिनों से धरना दे रहे बेनीवाल ने अब सरकार को चेतावनी दी है कि यदि संवेदनशीलता नहीं दिखाई तो सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
मंत्रियों पर भी लगाए आरोप
उन्होंने सरकार के मंत्रियों पर भी आरोप लगाते हुए कहा- एसआई भर्ती में दो अभ्यार्थियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने वर्तमान सरकार में मंत्री को पैसे देकर डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलावाई थी। ऐसे में तंत्र पर ही सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री पैसे लेकर डमी अभ्यार्थियों को परीक्षा में बैठा रहे हैं मगर सरकार कुंभकर्णी नींद में सो रही है।
उन्होंने कहा कि वे अब युवाओं के हितों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने पूर्व आरपीएससी अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने आरपीएससी में जमकर भ्रष्टाचार किया। उनके भ्रष्टाचार से परेशान आरपीएससी के कर्मचारियों ने श्रोत्रिय के सेवानिवृत्ति समारोह का भी बहिष्कार कर दिया था, जो कि आयोग के इतिहास में पहली बार हुआ था।
सरकार को लौटाए सुरक्षाकर्मी
बेनीवाल ने उनकी सुरक्षा में तैनात पर्सनल सिक्यूरिटी ऑफिसर्स को भी सरकार को लौटा दिया है। दरअसल शुक्रवार को सरकार ने उनकी जान को खतरा बताते हुए नागौर में उनके आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी थी लेकिन यह सुरक्षा उन्हें सिर्फ नागौर तक के लिए ही दी गई थी। जब वे जयपुर आए तो उनकी सुरक्षा हटा ली गई। इससे नाराज होकर हनुमान ने अपने पीएसओ भी सरकार को लौटा दिए। उन्होंने कहा कि मेरी सुरक्षा में जो एक-दो लोग लगाए गए हैं, मैं उन्हें भी रवाना कर रहा हूं, मेरी सुरक्षा राजस्थान का युवा करेगा।