कांग्रेस विधायक रामनिवास गावड़िया के एक सवाल पर सोमवार को विधानसभा में हंगामा हो गया। प्रश्नकाल के दौरान गावड़िया ने अपनी विधानसभा परबतसर की पंचायत समिति में तैनात बीडीओ के तबादले को लेकर सरकार से सवाल पूछा। गावड़िया ने पूछा कि जिस बीडीओ को 2-2 बार चार्जशीट दी और पांच बार तबादले कर दिए गए उसने आदेशों की पालना में कार्यग्रहण क्यों नहीं किया?
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जवाब देने के लिए खड़े हुए। दिलावर ने कहा कि बीडीओ ने कोर्ट स्टे ले लिया, इसलिए मैं कुछ नहीं कर सकता। इस पर गावड़िया बोले कि ट्रांसफर पर कोई स्टे नहीं लिया गया है और मंत्री सदन में गलत जवाब दे रहे हैं।
सदन के बाहर गावड़िया ने बताया कि बीडीओ कविता जसोरिया का मौजूदा सरकार में ही पांच बार तबादला किया गया। उन्हें गबन के आरोप में चार्जशीट तक मिल चुकी है, तो वो कौन है जो बीडीओ को बचा रहा है।
पांच बार तबादला, इनमें तीन बार एपीओ किया गया
गावड़िया ने बताया कि बीडीओ कविता जसोरिया को गबन के आरोप में 16 सीसी की चार्जशीट दी गई। इसके बाद उन्हें तीन अगस्त 2023 को 2 साल के लिए एपीओ कर परबत सर मुख्यालय कर दिया गया। इसके बाद 22 सितंबर 2023 को उन्हें परबतसर से भी एपीओ कर दिया, लेकिन बीडीओ ने जयपुर मुख्यालय में ज्वाइनिंग नहीं दी और कोर्ट स्टे ले लिया। वहीं, सात अक्तूबर 2024 को मौजूदा सरकार ने परबतसर पंचायत समिति से उन्हें फिर से एपीओ कर पाटन-नीम का थाना ज्वाइन करने के आदेश जारी कर दिए। बीडीओ ने फिर से आदेशानुसार ज्वाइनिंग नहीं दी। इसके बाद 28 अक्तूबर 2024 को ही फिर से उनका तबादला पाटन से वापस परबतसर कर दिया।
दिलावर बोले- कोर्ट स्टे पर मैं कुछ नहीं कर सकता
दिलावर ने इस मामले में कहा कि बीडीओ ने कोर्ट स्टे रखा है, इसलिए मैं कुछ नहीं कर सकता। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि बीडीओ ने कोई कोर्ट स्टे नहीं ले रखा मंत्री सदन में गलत तथ्य पेश कर रहे हैं।