विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर का निलंबन बजट सत्र के पहले ही दिन खत्म कर दिया। पिछले साल विधानसभा के बजट सत्र के ही दौरान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल के बेटे को राजनीतिक नियुक्ति दिए जाने पर हंगामा हो गया था। इस दौरान वासुदेव देवनानी ने मुकेश भाकर के हंगामे के दौरान चेयर को ऊंगली दिखाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें 6 अगस्त 2024 को बजट सत्र के बचे हुए अवधि के लिए निलंबित कर दिया था। हालांकि, भाकर के निलंबन की अवधि 6 फरवरी को पूरी हो रही थी लेकिन विपक्ष की मांग पर देवनानी ने शुक्रवार को ही निलंबन वापस ले लिया।
पायलट ने फैसले का किया स्वागत
भाकर का निलंबन समाप्त किए जाने के विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय का कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हम इसका स्वागत करते है, सदन की कार्रवाई में शामिल होंगे। वहीं, राज्यपाल के अभिभाषण पर पायलट ने कहा- राज्यपाल का अभिभाषण सरकार का लिखा हुआ होता है, वह पढ़ कर सुनाते हैं। उस पर चर्चा होगी, सवालों के जवाब सरकार को देने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो हालात हैं कानून, जिलों को समाप्त करने का, उन सब मुद्दों को लेकर सरकार को जवाब देना पड़ेगा। जनता से जुड़े मुद्दों को हम सब सदन में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा है, यहां पर सवालों का जवाब देना पड़ेगा। विशेष रूप से रोजगार से संबंधित मुद्दों पर।
संकल्प का क्या हुआ?
सचिन पायलट ने आगे कहा- सरकार ने चार लाख रोजगार देने का संकल्प लिया था, धरातल पर उस संकल्प का क्या हुआ, वह सब जानते हैं। जो विकास कांग्रेस के राज में हुआ था, उसके पास तक का भी विकास नहीं कर पाई है।