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आरसीए चुनाव में फिर घमासान: अरुण चतुर्वेदी पर हस्तक्षेप के आरोप, तीन जिला संघों को वोट से रोकने का दावा

Tue, 29 Sep 2026 09:57 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव में मतदान प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है। चुनाव से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद अरुण चतुर्वेदी पर नेता पुत्रों की ओर से चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता डीडी कुमावत( पूर्व आरसीए कन्वेंनर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव में मतदान प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है। चुनाव से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद अरुण चतुर्वेदी पर नेता पुत्रों की ओर से चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही तीन नवगठित जिला क्रिकेट संघों को मतदान से दूर रखने के कथित निर्देश और बैलेट पेपर पर सीरियल नंबर को लेकर भी आपत्तियां सामने आई हैं।
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तीन जिला संघों को वोट से दूर रखने का दावा
29 सितंबर को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव के दौरान धनंजय सिंह खींवसर, मोहित यादव और आशीष तिवारी ने चुनाव अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में दावा किया गया है कि राजस्थान सरकार के वित्त आयोग के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त अरुण चतुर्वेदी के प्रभाव में चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के प्रयास किए गए।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और खैरथल-तिजारा जिला क्रिकेट संघों को अपने मत का इस्तेमाल नहीं करने और चुनाव प्रक्रिया से दूर रहने के निर्देश दिए गए। दस्तावेज पर तीनों प्रत्याशियों के हस्ताक्षर हैं और आरसीए चुनाव अधिकारी के कार्यालय की रिसीविंग भी दर्ज है।
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बैलेट पेपर की नंबरिंग पर मोहित यादव की आपत्ति
इसी बीच आरसीए के सचिव पद के उम्मीदवार मोहित यादव ने चुनाव अधिकारी को लिखित आपत्ति दी। उन्होंने मुख्य बैलेट पेपर पर सीरियल नंबर, कोड, जिला नाम या किसी अन्य पहचान योग्य निशान नहीं रखने की मांग की।
मोहित यादव ने मांग की कि यदि बैलेट पेपर पर नंबरिंग आवश्यक हो तो उसे केवल काउंटरफॉइल तक सीमित रखा जाए। साथ ही मतदान से पहले सभी बैलेट पेपर को शफल करने और अपनी आपत्ति को चुनाव की आधिकारिक कार्यवाही में शामिल करने की मांग की गई है।

डी.डी. कुमावत ने भी उठाए सवाल
इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले डी.डी. कुमावत ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तीनों जिला संघों को चुनाव प्रक्रिया में शामिल किया गया और बाद में आरसीए की ओर से यह माना गया कि वे वोट नहीं देंगे। कुमावत ने कहा कि यह स्थिति चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची पर सवाल खड़े करती है।

‘वोटर लिस्ट ही सही नहीं तो पूरी प्रक्रिया...’
कुमावत ने कहा, “जब वोटर लिस्ट ही सही नहीं है तो पूरी प्रक्रिया ही निरस्त होती है।” उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां पूजा-पाठ की नहीं, मंशा की जरूरत है। उन्होंने कहा, “जब तक मेरा बेटा, जानकार का बेटा रहेगा, खेल नहीं ठीक होगा।”

अब चुनाव अधिकारी के सामने दी गई शिकायतों और आपत्तियों पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर है। विवाद के बीच आरसीए चुनाव की प्रक्रिया और मतदाताओं से जुड़े दस्तावेजों को लेकर उठे सवालों ने चुनाव की निष्पक्षता पर बहस तेज कर दी है।
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