महिला सुपरवाइजर सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के पेपर लीक मामले में एसओजी ने आरोपी मनीष गिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने पेपर लीक करने वाले कालेर गैंग से पांच लाख रुपये में प्रश्नपत्र खरीदा था और अपनी रिश्तेदार मंजू कुमारी बिश्नोई को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराई थी। इस मामले में मंजू कुमारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि 6 जनवरी 2019 को आयोजित महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र बीकानेर के श्री रामसहाय आदर्श सेकेंडरी स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र से लीक किया गया था। पुलिस के अनुसार, पेपर लीक गैंग के सरगना तुलछाराम कालेर, पौरव कालेर और गैंग के सदस्यों राजू मैट्रिक्स व दिनेश सिंह चौहान ने मिलकर प्रश्नपत्र लीक किया था।
जांच में सामने आया कि कालेर गैंग के सदस्यों ने लीक हुए प्रश्नपत्र को हल किया और परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए उत्तर बताकर नकल कराई। इसी पेपर को मनीष गिला ने पांच लाख रुपये में खरीदा था। इसके बाद उसने अपनी रिश्तेदार मंजू कुमारी बिश्नोई को ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से परीक्षा में नकल कराई।
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अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार
एसओजी के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें पेपर लीक करने वाले संगठित गिरोह के आठ सदस्य और छह महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। मनीष गिला से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पेपर लीक से जुड़े अन्य तथ्यों और उन अभ्यर्थियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जिन्हें लीक हुआ प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था।
यह कार्रवाई जयपुर एसओजी के महानिरीक्षक अजयपाल लांबा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह के नेतृत्व में की गई। आरोपी मनीष गिला नागौर जिले के श्रीबालाजी थाना क्षेत्र के जाखणिया रोड स्थित बिश्नोइयों का बास का निवासी है।