राजस्थान विधानसभा में सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा के बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया। डोटासरा ने अपने भाषण में सरकार और मुख्यमंत्री समेत भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिससे सदन में तीखी बहस छिड़ गई।
डोटासरा ने भाजपा नेता डॉ. किरोड़ीलाल मीणा का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को उनके आरोपों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने मुझे अपना साढ़ू बोला है, तो मैं उनकी बात को विधानसभा में रखूंगा। वैसे तो उन्होंने मुख्यमंत्री को भी दौसा में अपना भाई कहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मैं नहीं कह रहा हूं, आपके ही डॉ. साहब ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने दौसा में डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की पीठ में छुरा घोंपा है। उनके इस बयान के बाद सदन में जोरदार हंगामा हो गया।
उन्होंने राज्य में बजरी चोरी का मुद्दा भी उठाया और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आपके कैबिनेट मंत्री ने स्वयं कहा है कि रोजाना बीसलपुर से 60 करोड़ रुपये की बजरी चोरी हो रही है और सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इसका मतलब है कि पूरी सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। इस बयान के बाद सदन में माहौल और गर्मा गया।
डोटासरा के आरोपों का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि हम इस विषय पर विस्तार से जवाब देंगे, लेकिन आप सदन में उपस्थित रहें और सत्र छोड़कर मत जाएं।
डोटासरा के आरोपों से विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच बहस तेज हो गई है। सियासी जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विपक्ष और आक्रामक हो सकता है, जिससे आगामी सत्रों में भी तीखी नोकझोंक होने की संभावना है।